लंदन। सात समुद्र पार यूनाइटेड किंगडम की राजधानी लंदन में उस समय सनातन संस्कृति और भारतीय परंपरा का अनुपम दृश्य देखने को मिला, जब भारत से ‘संत संसद’ में सहभागिता करने के लिए पधारे देश के मूर्धन्य और पूज्य संतों का आगमन हुआ। लंदन के प्रसिद्ध हीथ्रो इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर संतों के उतरते ही पूरा परिसर ढोल-नगाड़ों की गूंज और सनातन धर्म के जयकारों से जीवंत हो उठा। ब्रिटेन की धरती पर भारतीय संतों के इस भव्य और आत्मीय स्वागत ने वहां मौजूद हर श्रद्धालु का हृदय उत्साह और भक्ति भाव से भर दिया।
इस ऐतिहासिक अवसर पर संत समाज की अनेक विभूतियां एक साथ उपस्थित रहीं। एयरपोर्ट पर आगमन करने वाले मुख्य संतों एवं गणमान्य अतिथियों में जगद्गुरु स्वामी चक्रपाणिनन्द गिरी जी महाराज, नेटवर्क 10 के चीफ एडिटर श्री संजय गिरी जी, श्री महंत नारायण गिरी जी महाराज, जन-जन की आस्था के केंद्र पंडोखर सरकार, पूज्य महामंडलेश्वर उमाकांतानंद जी महाराज, एवं महामंडलेश्वर यतींद्रानंद जी महाराज सहित देश के अन्य कई प्रतिष्ठित पूज्य संत सम्मिलित थे।
एयरपोर्ट पर संतों की स्वागत व्यवस्था और अगवानी के लिए लंदन के स्थानीय धार्मिक नेतृत्व और श्रद्धालुओं ने विशेष तैयारियां की थीं। लंदन स्थित प्रसिद्ध सिद्ध आश्रम के प्रमुख पूज्य श्री राज राजेश्वरानंद गुरुजी अपने विशाल भक्तगणों के दल के साथ स्वयं एयरपोर्ट पहुंचे। उनके साथ ही त्रिलोचन दास जी महाराज के अनुयायी और स्थानीय प्रवासी भारतीय समाज के लोग भी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
जैसे ही पूज्य संतों ने टर्मिनल से बाहर कदम रखा, श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार, पुष्पवर्षा और पारंपरिक ढोल-नगाड़ों की थाप के साथ उनका भव्य स्वागत किया। उपस्थित जनसमूह ने संतों के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान ब्रिटेन में बसे भारतीय समुदाय के बीच एक अलग ही स्तर का धार्मिक उत्साह और सांस्कृतिक गर्व देखने को मिला।
आयोजकों के अनुसार, लंदन में आयोजित हो रही यह ‘संत संसद’ वैश्विक स्तर पर सनातन धर्म के मूल्यों, शांति, और वसुधैव कुटुंबकम के संदेश को प्रसारित करने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। आगामी दिनों में इस संसद के माध्यम से विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा, जिसमें ब्रिटेन और यूरोप भर से हजारों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। हीथ्रो एयरपोर्ट पर हुए इस भव्य और अभूतपूर्व स्वागत ने पूरे कार्यक्रम की सफलता की एक दिव्य आधारशिला रख दी है।

