सैंपलिंग में बिचौलियों के राज और जनता की सेहत के साथ BJP का असली ‘गुजरात मॉडल’ बेमेल: सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी पर कड़ा हमला
गुजरात की सियासत गरमा गई है क्योंकि BJP की सीनियर नेता और राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने BJP राज और उसके ‘गुजरात मॉडल’ की पोल खोल दी है। उत्तर प्रदेश में एक पब्लिक प्रोग्राम के दौरान मंच से बयान देते हुए आनंदीबेन पटेल ने सनसनीखेज खुलासा किया कि गुजरात में लिए गए खाने के सैंपल टेस्टिंग के लिए लैब पहुंचने से पहले रास्ते में ही बदले जा रहे थे! पूर्व मुख्यमंत्री के इस बयान ने BJP सरकार के भ्रष्टाचार-मुक्त शासन के दावों की हवा निकाल दी है।
30 साल तक उन पर भरोसा करने वाली जनता के साथ इतना बड़ा धोखा?
गुजरात की जागरूक जनता ने 30 साल तक BJP पर अटूट भरोसा करके सत्ता की चाबी सौंपी और उसे दिल्ली की गद्दी तक पहुंचाया। लेकिन बदले में उन्हीं लोगों को क्या मिला? लोगों के घरों तक पहुंचने वाले खाने-पीने के सामान में मिलावट, नकली सामान और भ्रष्टाचार! जब राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री खुद मानते हैं कि रास्ते में ही फूड सेफ्टी सैंपल बदल दिए जाते थे, तो सवाल उठता है कि क्या यह बिचौलिया राज और भ्रष्टाचार शासकों के आशीर्वाद के बिना संभव है?
लोगों की सेहत से खिलवाड़ ही BJP का असली ‘मॉडल’ है
कांग्रेस पार्टी ने BJP सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि गुजरात के करोड़ों नागरिकों की सेहत और जान से खिलवाड़ करने वाला सिस्टम ही BJP का असली मॉडल है। खाने-पीने के सामान की धरपकड़ और जांच सिर्फ कागजों तक ही सीमित रही और मिलावट करने वालों को खुली छूट दी गई।
आनंदीबेन पटेल के इस गुस्से के बाद, BJP के कथित विकास मॉडल का असली चेहरा गुजरात की जनता के सामने आ गया है और सिस्टम की इस बड़ी लापरवाही के खिलाफ लोगों में बहुत गुस्सा है।

