मैहर जिले के अमरपाटन स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कठहा में कक्षा 11वीं के विद्यार्थियों को फिल्म ‘धुरंधर’ दिखाने का मामला सामने आया है। वीडियो वायरल होने और मीडिया रिपोर्ट के बाद मैहर कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है।
मध्य प्रदेश के मैहर जिले से शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक नियमों से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। अमरपाटन के कठहा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 11वीं के नाबालिग विद्यार्थियों को क्लास के दौरान कथित तौर पर व्यावसायिक फिल्म ‘धुरंधर’ दिखाए जाने का मामला तूल पकड़ चुका है।
इसघटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने और मीडिया में प्रमुखता से खबर आने के बाद मैहर कलेक्टर विदिशा मुखर्जी ने इसे गंभीरता से लिया और जिला शिक्षा अधिकारी को तुरंत जांच के आदेश दिए।
जिला शिक्षा अधिकारी ने जारी किया कारण बताओ नोटिस
कलेक्टर के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) सलोनी शर्मा ने मामले को अत्यंत गंभीर माना और विद्यालय के प्राचार्य को आधिकारिक रूप से कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि विद्यालय परिसर में नाबालिग छात्रों को इस प्रकार की व्यावसायिक फिल्मों का प्रदर्शन करना पूरी तरह से शासकीय नियमों, शिक्षा विभाग की सेवा आचरण संहिता और निर्धारित शैक्षणिक मानकों के विपरीत है। प्रशासन ने इस मामले में तीन दिन के भीतर जवाब तलब किया है।
संतोषजनक जवाब न मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई
शिक्षा विभाग द्वारा जारी नोटिस में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय के भीतर प्राचार्य की तरफ से कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया जाता है, तो उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। वायरल वीडियो से शुरू हुआ यह पूरा प्रकरण अब प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है, जिससे सरकारी स्कूलों में शिक्षण कार्यों के दौरान नियमों का पालन करने को लेकर एक कड़ा संदेश दिया गया है।
मैहर जिले के अमरपाटन के कठहा शासकीय स्कूल का मामला प्रशासनिक जांच के घेरे में आया है
कक्षा 11वीं के नाबालिग छात्रों को व्यावसायिक फिल्म ‘धुरंधर’ दिखाए जाने का वीडियो हुआ था वायरल
कलेक्टर विदिशा मुखर्जी के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने प्राचार्य को नोटिस जारी किया
तय समय में जवाब न मिलने पर दोषी प्राचार्य के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी

