इंदौर में अवैध कॉलोनियों और भूमाफियाओं के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। जल्द ही एक नया क्रॉप्स पोर्टल शुरू किया जाएगा, जिससे आम लोग घर बैठे सिर्फ एक क्लिक में किसी भी कॉलोनी की वैधता की जांच कर सकेंगे। जिले में अब तक 133 अवैध कॉलोनियां चिन्हित की जा चुकी हैं।
इंदौर: में अवैध कॉलोनियों और भूमाफियाओं के खिलाफ जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। एक तरफ जहां अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण हटाया जा रहा है वहीं दूसरी ओर ऐसे कॉलोनाइजरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है। अब प्रशासन लोगों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए एक नई व्यवस्था शुरू करने जा रहा है जिसके तहत कोई भी व्यक्ति प्लॉट खरीदने से पहले सिर्फ एक क्लिक में यह जान सकेगा कि संबंधित कॉलोनी वैध है या अवैध।
जिला प्रशासन जल्द ही क्रॉप्स पोर्टल का एक्सेस आम लोगों के लिए उपलब्ध कराने की तैयारी में है। पोर्टल शुरू होने के बाद लोग घर बैठे यह जांच सकेंगे कि जिस कॉलोनी में वे प्लॉट खरीदने जा रहे हैं उसका नाम अवैध कॉलोनियों की सूची में है या नहीं। इससे बिना जानकारी के प्लॉट खरीदने वाले लोगों को राहत मिलेगी और जमीन से जुड़े मामलों में होने वाली धोखाधड़ी पर भी काफी हद तक रोक लग सकेगी।
ऑनलाइन मिलेगी सारी जानकारी
प्रशासन फिलहाल पोर्टल में जरूरी तकनीकी बदलाव कर रहा है। बदलाव पूरा होने के बाद इसे आम नागरिकों के लिए खोल दिया जाएगा। इसके बाद प्लॉट खरीदने से पहले किसी भी व्यक्ति को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और वह ऑनलाइन ही पूरी जानकारी हासिल कर सकेगा।
अतिक्रमण पर भी हो रही कार्रवाई
कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि जिले में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। जिन जगहों पर नियमों के विपरीत कॉलोनियां विकसित की गई हैं उन्हें राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किया जा रहा है। संबंधित भूस्वामियों को नोटिस देकर उनका पक्ष सुना जा रहा है। यदि जांच में अनियमितता सामने आती है तो संबंधित कॉलोनाइजरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। इसके अलावा सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण भी हटाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि प्रशासन को किसी भी माध्यम से अवैध कॉलोनी की सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारियों की टीम मौके पर जांच करती है। जांच में गड़बड़ी मिलने पर तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी जाती है। प्रशासन की कोशिश है कि भविष्य में नई अवैध कॉलोनियां विकसित ही न हो सकें। इसके साथ ही लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है ताकि वे बिना जांच-पड़ताल किए जमीन या प्लॉट की खरीदारी न करें।
133 अवैध कॉलोनिया चिन्हित
जिले में अब तक 133 अवैध कॉलोनियां चिन्हित की जा चुकी हैं। सभी आठ राजस्व अनुभागों में इन कॉलोनियों से जुड़े भूस्वामियों को नोटिस जारी किए गए हैं और उनकी सुनवाई की प्रक्रिया चल रही है। प्रशासन राजस्व रिकॉर्ड में अवैध कॉलोनियों की एंट्री करने, अतिक्रमण हटाने और भूमाफियाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रखे हुए है। अब तक सुनवाई पूरी होने के बाद 21 कॉलोनियों को आधिकारिक रूप से अवैध घोषित किया जा चुका है। प्रशासन का मानना है कि पोर्टल शुरू होने के बाद आम लोगों को सही जानकारी मिल सकेगी और अवैध कॉलोनियों में निवेश करने से पहले वे खुद पूरी जांच कर पाएंगे।

