Homeटॉप न्यूज़भ्रष्टाचार या विकास? खेमाना टोल प्लाजा से पालनपुर तक की सड़क 'मौत...

भ्रष्टाचार या विकास? खेमाना टोल प्लाजा से पालनपुर तक की सड़क ‘मौत का जाल’ बन गई है, नई बनी सड़क कूड़ेदान है!

काम पूरा होने से पहले ही करोड़ों की लागत से बनी सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे: खराब काम से गाड़ी चलाने वालों की जान खतरे में, जनप्रतिनिधि होने के बावजूद प्रशासन और ठेकेदार की मिलीभगत से लोगों का गुस्सा चरम पर है।

सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों में करोड़ों रुपये के बजट को भ्रष्टाचार के कीड़े कैसे खा रहे हैं, इसका जीता-जागता सबूत बनासकांठा जिले में सामने आया है। खेमाना टोल प्लाजा के पास से पालनपुर तक की अहम सड़क पर हो रहा मरम्मत का काम अब लोगों के लिए सुविधा के बजाय मुसीबत साबित हो रहा है। इस सड़क का काम अभी पूरी तरह से पूरा भी नहीं हुआ है, उसी सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिस पर हाल ही में डामर बिछाकर नई खूबसूरत सतह बनाई गई थी!

करोड़ों का धुआं, पर काम जल्दबाजी में:

हर दिन इस सड़क से हज़ारों छोटी-बड़ी गाड़ियां और अनगिनत यात्री गुज़रते हैं। जनता से टोल टैक्स तो सख्ती से वसूला जाता है, लेकिन बदले में उन्हें सिर्फ़ गड्ढे, धक्के और हादसों का डर मिलता है। नई बनी सड़क का बारिश की हल्की सी फुहारों में बह जाना इस बात का साफ़ सबूत है कि इस काम में क्वालिटी से समझौता किया गया है। स्थानीय लोग खुलेआम आरोप लगा रहे हैं कि सड़क बनाने में इस्तेमाल होने वाले मटीरियल, डामर की मात्रा और सीमेंट के लेवल में भारी भ्रष्टाचार हुआ है।

हादसों और मौतों का सामना कर रहे ड्राइवर:

खेमाना और पालनपुर के बीच इस टूटी-फूटी सड़क से दिन-रात गुज़रने वाले ड्राइवरों को अपनी जान हथेली पर रखकर गाड़ी चलानी पड़ती है। रात में ये गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे छोटी-बड़ी गाड़ियां अक्सर फिसल जाती हैं और गंभीर हादसे होते हैं। गाड़ियों के सस्पेंशन टूट रहे हैं और लोग पैसे और शरीर का नुकसान झेलने को मजबूर हैं।

जनता मुश्किल सवाल पूछ रही है:

  1. सड़क का काम अभी पूरा भी नहीं हुआ है, तो डामर बनते ही कैसे उखड़ गया? 2. सड़क की देखरेख के लिए ज़िम्मेदार सरकारी इंजीनियर कौन से कमीशन के धंधे को नज़रअंदाज़ कर रहे हैं?
  2. जनता के टैक्स के करोड़ों रुपये बर्बाद करने वाले भ्रष्ट ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट कब किया जाएगा?

स्थानीय लोगों की धमकी: तुरंत जांच करो वरना होगा ज़बरदस्त आंदोलन!

इस खराब काम को लेकर स्थानीय निवासियों, व्यापारियों और गाड़ी चलाने वालों में बहुत गुस्सा है। लोगों की साफ़ मांग है कि एक हाई-लेवल निष्पक्ष जांच कमेटी बनाई जाए और इस सड़क को बनाने वाले ठेकेदार और उसके साथ मिलीभगत करने वाले ज़िम्मेदार अधिकारियों के ख़िलाफ़ सख़्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, इस सड़क को तुरंत अच्छी क्वालिटी के साथ ठीक किया जाए। अगर सिस्टम अब भी अपनी कुंभकर्णी नींद से नहीं जागा, तो आने वाले दिनों में जनता विरोध-प्रदर्शन और ट्रैफिक जाम जैसे हिंसक तरीकों का सहारा लेने पर मजबूर होगी।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments