अहमदाबाद : गांधी के गुजरात और बिज़नेस के सबसे बड़े हब अहमदाबाद में एक और बड़ा स्कैम सामने आया है, जो लोगों की सेहत के साथ भद्दा मज़ाक कर रहा है। अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (AMC) के हेल्थ और फ़ूड डिपार्टमेंट ने गाय के “शुद्ध देसी घी” के नाम पर ज़हरीले पामोलिन ऑयल की मिलावट वाला घी बेचने के काले धंधे का पर्दाफ़ाश किया है। पहले लिए गए सैंपल फेल होते ही एक्शन मोड में आई AMC टीम ने रेड मारकर 1768 kg संदिग्ध और मिलावटी घी ज़ब्त किया।
इंदौर से निकलकर अहमदाबाद में परोसा जा रहा ‘धीमा ज़हर’!
जांच में हुए सबसे चौंकाने वाले खुलासों के मुताबिक, लोगों की सेहत के लिए खतरा बना यह नकली घी मध्य प्रदेश के इंदौर में तैयार किया जा रहा था। इंदौर की फैक्ट्रियों से निकले पाम ऑयल और केमिकल्स को मिलाकर बनाया गया यह घी “शुद्ध देसी गयूं घी” के आकर्षक ब्रांड नाम से बेचा जा रहा था। यह क्वांटिटी अहमदाबाद में मौजूद मेन डिस्ट्रीब्यूटर शहर के कोने-कोने में व्यापारियों और कस्टमर्स तक पहुंचा रहा था।
सैंपल फेल होने पर AMC की जानलेवा कार्रवाई: 1768 kg क्वांटिटी सीज
AMC के फूड डिपार्टमेंट ने पहले शक के आधार पर इस घी के सैंपल लिए थे। लैब टेस्टिंग में पता चला कि यह घी शुद्ध नहीं था और इसमें भारी मात्रा में पाम ऑयल और दूसरे फैट एलिमेंट्स थे, यानी सैंपल पूरी तरह फेल हो गया था। रिपोर्ट आते ही AMC टीम ने डिस्ट्रीब्यूटर के गोदाम पर छापा मारा और लाखों रुपये कीमत का 1768 kg संदिग्ध क्वांटिटी सीज करके सील कर दिया है।
मुनाफाखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग: जनता के पेट में कब तक जहर परोसा जाएगा?
लोग आस्था और सेहत के लिए पवित्र त्योहारों या रोजाना के खाने में गाय के घी का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन सिर्फ अंधाधुंध मुनाफा कमाने के लालच में ऐसे मिलावटी लोग लोगों के घरों तक ‘धीमा जहर’ पहुंचा रहे हैं। AMC ने इस मामले में लैब रिपोर्ट के आधार पर डिस्ट्रीब्यूटर और मैन्युफैक्चरिंग कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी शुरू कर दी है।

