अहमदाबाद : महंगाई से परेशान लोगों पर एक और आर्थिक एटम बम गिरा है। अहमदाबाद शहर में CNG की कीमत बढ़कर ₹94 प्रति kg हो गई है, जिससे मिडिल क्लास और रोज़ कमाने वालों में भारी गुस्सा है। फ्यूल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने आम जनता और खासकर रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों की कमर तोड़ दी है। आसमान छूती कीमतों को देखकर लोग अब खुलकर कह रहे हैं—”क्या ये लोग हमें अब जीने भी नहीं देंगे?”
रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों की रोजी-रोटी पर सीधा झटका
शहर में सबसे ज़्यादा CNG रिक्शा और कैब/टैक्सी ड्राइवर ही इस्तेमाल करते हैं। लेकिन उन्हें महंगाई के हिसाब से सही किराया या पैसेंजर नहीं मिलते:
कमाई कम, खर्चा ज़्यादा: पूरे दिन चिलचिलाती गर्मी और ट्रैफिक में रिक्शा चलाने के बाद भी उनकी कमाई का एक बड़ा हिस्सा CNG में चला जाता है। परिवार चलाना मुश्किल: गैस के दाम बढ़ गए हैं, लेकिन अगर रिक्शा का किराया बढ़ा दिया जाए, तो पैसेंजर नहीं मिलते। ऐसे में परिवार चलाना और बच्चों की फीस भरना रिक्शा वालों के लिए लोहे के टुकड़े चबाने जैसा हो गया है।
इको-फ्रेंडली फ्यूल के नाम पर जनता का शोषण?
एक तरफ सरकार बड़े-बड़े विज्ञापन देकर प्रदूषण कम करने के लिए इलेक्ट्रिक और CNG गाड़ियां इस्तेमाल करने की सलाह दे रही है, वहीं दूसरी तरफ CNG की कीमत पेट्रोल के बराबर करके जनता की जेब खाली कर रही है। महंगाई के इस चक्कर में पिस रहा आम नागरिक अब इसका शिकार हो गया है।
यूनियनों में गुस्सा: एक बड़े आंदोलन को हवा!
CNG की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी को लेकर शहर की रिक्शा यूनियनों और ड्राइवरों में काफी नाराजगी है। अगर CNG की कीमतें तुरंत कम नहीं की गईं या किराए में सही तरीके से बदलाव नहीं किया गया, तो पूरी संभावना है कि आने वाले दिनों में रिक्शा वाले सड़क जाम

