खास आर्टिकल: जहां एक तरफ पूरे देश के युवा, पेरेंट्स और स्टूडेंट ऑर्गनाइज़ेशन देशभर के लाखों स्टूडेंट्स के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले NEET पेपर लीक कांड के खिलाफ इंसाफ की मांग को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ गुजरात के जूनागढ़ से आए एक चौंकाने वाले बयान ने एक बड़े संघर्ष को जन्म दे दिया है। जूनागढ़ विमेंस कॉलेज की प्रिंसिपल ने NEET पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन को “देश तोड़ने की साज़िश” और आंदोलन करने वालों को “एंटी-नेशनल” कहा है, जिससे एजुकेशन की दुनिया और पॉलिटिक्स में बड़ा भूचाल आ गया है। इस बयान के सामने आने के बाद ही कांग्रेस ने कड़ा हमला बोला और सीधे कहा, “स्टूडेंट्स के हितों की चिंता करने के बजाय BJP की चापलूसी बंद करो!”
प्रिंसिपल का विवादित बयान: स्टूडेंट आंदोलन को ‘एंटी-नेशनल’ बताया
जूनागढ़ विमेंस कॉलेज की प्रिंसिपल ने विवादित बयान देते हुए दावा किया है कि NEET पेपर लीक को लेकर हो रहे विरोध और आंदोलनों के पीछे देश को अस्थिर करने की साज़िश चल रही है। उन्होंने अपने बयान में यह भी आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल होने वाले या स्टूडेंट्स की आवाज़ का साथ देने वाले लोगों की सोच एंटी-नेशनल है।
लाखों स्टूडेंट्स की मेहनत और भविष्य पर सवाल उठाने वाले इस बयान ने पूरे राज्य में पेरेंट्स और युवाओं के दिलों को दुखाया है।
कांग्रेस का तीखा जवाब: ‘शिक्षा का भगवाकरण और BJP की चापलूसी बंद करो’
प्रिंसिपल के इस बयान के बाद कांग्रेस पार्टी ने कड़ा विरोध शुरू कर दिया है। कांग्रेस के प्रवक्ताओं और नेताओं ने प्रिंसिपल पर हमला बोलते हुए कहा है:
- स्टूडेंट्स के भविष्य का मज़ाक: देश के 24 लाख से ज़्यादा स्टूडेंट्स दिन-रात NEET का एग्जाम देते हैं। जब पेपर लीक होता है, तो उनकी सालों की मेहनत बेकार चली जाती है। अपने हक और इंसाफ के लिए आवाज़ उठाने वाले स्टूडेंट्स को ‘एंटी-नेशनल’ कहना शिक्षा जगत पर एक काला धब्बा है।
- अधिकारियों के कदम: कांग्रेस ने सीधा आरोप लगाया है कि कॉलेज प्रिंसिपल अपने पद की गरिमा भूलकर सिर्फ़ सत्ताधारी BJP सरकार के भ्रष्टाचार को छिपाने और BJP नेताओं की चापलूसी करने के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं।
- मुख्य मुद्दे से ध्यान भटकाने का खेल: पेपर लीक करने वाले और लाखों रुपये का घोटाला करने वाले असली अपराधियों को पकड़ने के बजाय, आवाज़ उठाने वाले युवाओं को ‘देशद्रोही’ बताकर भ्रष्टाचार की जड़ से ध्यान हटाने की कोशिश की जा रही है।
समाज और माता-पिता के लिए एक ज्वलंत सवाल
आज गुजरात के कोने-कोने से माता-पिता पूछ रहे हैं:
क्या अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए न्याय मांगना ‘एंटी-नेशनल’ है?
क्या पेपर लीक करने वाले अधिकारी या माफिया देशभक्त हैं और न्याय मांगने वाले युवा एंटी-नेशनल हैं?
सरकारी या मान्यता प्राप्त संस्थानों में ज़िम्मेदार पदों पर बैठे लोग कब तक सत्ताधारी पार्टी के वकील बनकर छात्रों के पेट पर लात मारते रहेंगे?
NEET पेपर लीक की घटना ने देश के पूरे एजुकेशन सिस्टम और ट्रांसपेरेंसी पर भरोसे का एक बड़ा संकट पैदा कर दिया है। उस समय ऐसे बेपरवाह बयान आग में घी डालने का काम कर रहे हैं। जूनागढ़ कॉलेज के प्रिंसिपल के इस बयान से पूरे राज्य में गुस्सा फैल गया है और उनके खिलाफ सज़ा देने वाली कार्रवाई की मांग भी तेज़ हो रही है।
पाको गुजरात न्यूज़

