सूरत: डायमंड सिटी सूरत में एक बहुत ही चौंकाने वाली और दर्दनाक घटना सामने आई है, मानो BRTS ड्राइवरों को पैसेंजर की जान की कोई कीमत नहीं है। सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की तथाकथित हाई-टेक BRTS बस के लापरवाह ड्राइवर के सीन CCTV/कैमरों में कैद हो गए हैं। पैसेंजर बस स्टॉप पर बस में चढ़ ही रहे थे, तभी ड्राइवर ने अचानक दरवाजा बंद किया और बस को धक्का देकर भगा दिया!
जैसे ही इस गंभीर घटना का भयानक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और बस ऑपरेटरों के खिलाफ नागरिकों में भारी गुस्सा है।
बुजुर्ग आदमी सड़क पर 2 से 3 फीट तक घसीटा गया: एक बड़ा हादसा बाल-बाल बचा!
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि पैसेंजर BRTS बस स्टॉप पर बस में चढ़ने की प्रैक्टिस कर रहे थे। इसी बीच, एक बुज़ुर्ग बस में चढ़ने ही वाला था कि लापरवाह ड्राइवर ने उसे समय दिए बिना ऑटोमैटिक दरवाज़ा बंद कर दिया।
दरवाज़े में फंसा हाथ: दरवाज़ा बंद होते ही बुज़ुर्ग का हाथ अंदर फंस गया।
सड़क पर घिसटता गया: ड्राइवर ने बिना पीछे देखे बस को आगे बढ़ा दिया, जिससे बुज़ुर्ग 2 से 3 फ़ीट तक सड़क पर घिसटता चला गया।
दो युवक सिर के बल गिरे: बस के अचानक आगे बढ़ने पर बस में चढ़ रहे दो और युवक भी बुज़ुर्ग के सिर पर गिर पड़े!
यात्रियों की जान खतरे में: बस में और स्टेशन पर मौजूद लोगों की चीख-पुकार के बाद, ड्राइवर ने आखिरकार बस रोक दी, जिससे बुज़ुर्ग की जान बच गई।
सवाल यह है… इन ‘यमदूत’ बस ड्राइवरों के खिलाफ़ सख्त कार्रवाई कब होगी?
सूरत BRTS ड्राइवरों की ऐसी दादागिरी और लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है। नगर निगम और एजेंसियों के भ्रष्ट एडमिनिस्ट्रेटर के बीच साठगांठ के कारण आम नागरिक अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को मजबूर हैं। सूरत के लोग अब ये सवाल पूछ रहे हैं:
- क्या BRTS ड्राइवरों को टारगेट पूरा करने में मुश्किल होती है या उन्हें यात्रियों की जान से खेलने की इजाज़त है?
- सड़क पर घसीटे जा रहे एक बुज़ुर्ग आदमी का वीडियो सबूतों के साथ सामने आया है, फिर भी क्या नगर निगम प्रशासन इस ड्राइवर के खिलाफ़ पुलिस में शिकायत दर्ज करके उसे जेल भेजेगा या सिर्फ़ एक कागज़ का नोटिस देकर मामला निपटा देगा?
- पहले भी BRTS हादसों में कई बेगुनाह लोगों की जान जा चुकी है, तो स्मार्ट सिटी प्रशासन कब जागेगा?
भ्रष्ट एडमिनिस्ट्रेटर्स के खिलाफ़ कड़ी कार्रवाई करे!
सरेआम हुई इस घटना से सूरत के लोगों में बहुत गुस्सा है। लोगों की मांग है कि ऐसे कातिल ड्राइवर का लाइसेंस कैंसिल करके उसके खिलाफ़ केस दर्ज किया जाए और जिस एजेंसी के तहत यह बस चलती है, उस पर भारी जुर्माना लगाया जाए। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई होती, तो आज एक परिवार को अपने बुज़ुर्ग को खोना पड़ता। अब देखना यह है कि सूरत नगर निगम कमिश्नर और ट्रैफिक पुलिस इस लापरवाह ड्राइवर के खिलाफ़ क्या सख्त कार्रवाई करते हैं!

