डभोई। शहर में प्राइवेट कंपनियों की लापरवाही से सुबह-सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। मेहता पार्क के पास बारिश के पानी से भरे एक गहरे गड्ढे में अचानक एक गाय गिर गई। हालांकि, एक जागरूक नागरिक द्वारा WhatsApp पर शेयर की गई फोटो और डभोई नगर पालिका की तुरंत कार्रवाई की वजह से गाय को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और उसे जान दे दी गई।
प्राइवेट कंपनी के पाप से पैदा हुआ खतरा
डभोई शहर के अलग-अलग इलाकों में प्राइवेट कंपनियों ने काम के लिए बड़े-बड़े गड्ढे खोदे हैं। लेकिन काम के बाद, वे पूरी सावधानी न बरतने के कारण जानलेवा साबित हो रहे हैं।
बारिश के पानी का भ्रम: चूंकि मानसून का मौसम है, इसलिए मेहता पार्क के पास खोदा गया यह गड्ढा बारिश के पानी से भर गया था।
हादसा: पानी भरी जमीन के समतल होने का भ्रम पैदा हो रहा था और गड्ढे की गहराई का अंदाजा नहीं था, इसलिए सुबह-सुबह वहां से गुजर रही एक गाय अचानक उसमें गिर गई और गहरे कीचड़ और पानी में फंस गई।
सोशल मीडिया बना लाइफलाइन
इस घटना में टेक्नोलॉजी और जागरूक नागरिकों का तालमेल देखने को मिला:
गड्ढे में फंसी गाय की फोटो शहर के एक लोकल WhatsApp ग्रुप में शेयर की गई।
अच्छी बात यह रही कि जब यह फोटो एक नगर निगम कर्मचारी के ध्यान में आई, तो उसने तुरंत डभोई नगर निगम के चीफ ऑफिसर जयकिशन तड़वी और प्रोजेक्ट मैनेजर महेशभाई परमार को फोन करके बताया।
नगर निगम का रेस्क्यू ऑपरेशन युद्ध स्तर पर
घटना की गंभीरता को समझते हुए, डभोई नगर निगम प्रशासन कुछ ही मिनटों में हरकत में आ गया।
जल्दी एक्शन: चीफ ऑफिसर और प्रोजेक्ट मैनेजर ने बिना किसी देरी के नगर निगम की रेस्क्यू टीम को ज़रूरी सामान के साथ मौके पर भेज दिया।
1 घंटे में सफल रेस्क्यू: नगर निगम के कर्मचारियों ने युद्ध स्तर पर कड़ी मेहनत की और सिर्फ एक घंटे में गाय को गड्ढे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। अगर अधिकारियों को मौके पर पहुंचने में थोड़ी भी देर हो जाती, तो गाय के मरने की पूरी संभावना थी। स्थानीय लोगों की तारीफ़ और अधिकारियों की ज़रूरी अपील
डभोई नगर पालिका की इंसानियत और तुरंत कार्रवाई से मेहता पार्क और आस-पास के इलाकों के लोगों ने राहत की सांस ली और अधिकारियों के इस काम के लिए शुक्रिया अदा किया।
डभोई नगर पालिका की जनता से अपील:
नगर पालिका ने लोगों से अपील करते हुए कहा है, “अगर शहर के किसी और इलाके में ऐसे खुले या खतरनाक गड्ढे मिलें, तो तुरंत नगर पालिका को बताएं।” ताकि अधिकारी उन गड्ढों को जल्दी भर सकें और भविष्य में किसी बड़ी आपदा या जानवरों और इंसानों की जान जाने से बचा सकें।

