मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर मंदिर में सुबह नौ बजे के बाद पुजारियों की एंट्री प्रतिबंधित कर दी गई है। मंदिर पहुंचे पुजारियों को सुरक्षाकर्मियों ने रोक दिया। इसी बात को लेकर उनका गुस्सा फूट पड़ा है।
हाइलाइट्स
ओंकारेश्वर मंदिर में सुबह नौ बजे के बाद पुजारियों की एंट्री बंद
जिला प्रशासन के मौखिक आदेश से पुजारी हुए नाराज
सुरक्षाकर्मियों ने पुजारियों को अंदर जाने से रोका
पुजारी संघ ने जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
खंडवा: देश के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक प्रसिद्ध तीर्थ ओंकारेश्वर मंदिर इन दिनों आध्यात्मिक केंद्र से अधिक प्रशासन और पुजारियों के बीच अखाड़े का मैदान बनता दिख रहा है। जिला प्रशासन के नए मौखिक आदेशों और कड़े रवैये ने मंदिर के पंडितों और पुजारियों के बीच भारी असंतोष पैदा कर दिया है।
सुरक्षाकर्मियों ने पुजारियों को रोका
बुधवार सुबह उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब सुबह 9 बजे के बाद ओंकारेश्वर मंदिर जा रहे अधिकृत पंडितों को टी-पॉइंट पर सुरक्षाकर्मियों द्वारा रोक दिया गया। सुरक्षाकर्मियों ने स्पष्ट किया कि वरिष्ठ अधिकारियों के सख्त निर्देश हैं कि 9 बजे के बाद किसी भी पंडित को आगे जाने की अनुमति नहीं होगी और उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी। पंडित राधे तिवारी और अन्य पुजारियों का कहना है कि दूर-दराज से श्रद्धालु दिनभर पूजा-पाठ और जलाभिषेक के लिए आते हैं। ऐसे में इस तरह के प्रतिबंधों से न केवल पुजारियों बल्कि श्रद्धालुओं को भी भारी असुविधा हो रही है।
पुजारियों की प्रशासन से तीन मुख्य मांगें
आक्रोशित पंडितों के प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखते हुए तीन प्रमुख शर्तें रखी हैं। अधिकृत पंडितों को निर्बाध प्रवेश, मंदिर क्षेत्र में प्रवेश पर लगाई गई समय-सीमा तुरंत हटाई जाए। यजमानों के साथ जलाभिषेक, जिसमें पहले की तरह पंडितों को यजमानों के साथ जलाभिषेक की अनुमति बहाल हो। अभिषेक हॉल में विधिवत पूजा-अर्चना की व्यवस्था प्रशासन द्वारा पुनः शुरू की जाए। वर्तमान में किसी भी लिखित आदेश के अभाव में भ्रम और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
एसडीएम की कार्रवाई से भड़का पुजारी संगठन
तनाव की एक बड़ी वजह एक दिन पहले की घटना भी है। वीआईपी दर्शन के नाम पर अवैध वसूली की शिकायत पर पुनासा एसडीएम पंकज वर्मा के निर्देश पर पंडित दिनेश शर्मा को मंदिर प्रवेश से रोका गया और लगभग 6 घंटे मांधाता थाने में बैठाकर रखा गया। हालांकि, जांच में आरोप सिद्ध न होने पर उन्हें छोड़ दिया गया।
मनमानी का आरोप
पुजारी संगठन ने एसडीएम पंकज वर्मा पर मनमानी और प्रताड़ना का आरोप लगाया है। संगठन का रुख साफ है कि अवैध वसूली करने वालों पर कठोर कार्रवाई हो, लेकिन निर्दोष पंडितों को प्रताड़ित करना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि यह रवैया नहीं बदला तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
अव्यवस्था या कुप्रबंधन? सवाल के घेरे में प्रशासन
गौरतलब है कि एक पखवाड़े पूर्व मंदिर के द्वार पर मांधाता थाने के दो आरक्षकों पर भी अवैध वसूली के आरोप में मांधाता थाने में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। प्रशासन का दावा है कि ये कदम सुचारु दर्शन व्यवस्था के लिए उठाए जा रहे हैं। हालांकि, संवादहीनता, लिखित आदेशों की कमी और जल्दबाजी में की जा रही कार्रवाइयों के कारण व्यवस्था सुधरने के बजाय बार-बार विवाद और अव्यवस्था का रूप ले रही है। फिलहाल, कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने मामले में हस्तक्षेप कर जल्द समाधान का आश्वासन दिया है।

