अहमदाबाद: अहमदाबाद के सालंगपुर इलाके में आज शिक्षा सिस्टम में फैले भ्रष्टाचार और नाकामियों के खिलाफ लोगों और युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा। बिगड़ते शिक्षा सिस्टम और अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज उठाने के लिए बड़ी संख्या में युवा और स्थानीय नागरिक सड़कों पर उतरे और सिस्टम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर मोर्चा बनाया।
सोनम वांगचुक का समर्थन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग!
इस प्रदर्शन के दौरान माहौल तब और भी गरम हो गया जब अहिंसक आंदोलनकारी और शिक्षाविद सोनम वांगचुक के सपोर्ट में बैनर और नारे गूंजने लगे। अपने भविष्य और देश की शिक्षा को लेकर चिंतित युवाओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के तुरंत इस्तीफे की जोरदार मांग की। विरोध कर रहे लोगों का सीधा आरोप है कि मौजूदा शिक्षा सिस्टम युवाओं का भविष्य सुधारने में पूरी तरह से फेल हो गया है और अधिकारी सिर्फ दावे करने में लगे हैं। क्या गुजरात में डेमोक्रेसी के लिए प्रोटेस्ट करना भी क्राइम हो गया है?
सालंगपुर में शांति से प्रोटेस्ट कर रहे युवाओं और नागरिकों के प्रति सिस्टम के रवैये पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं। एक डेमोक्रेटिक देश में, अपने हक, सही शिक्षा और सिस्टम में सुधार के लिए आवाज़ उठाना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। लेकिन जिस तरह से लोगों की आवाज़ को दबाया जा रहा है, उसे देखकर डेमोक्रेसी पसंद करने वाले भी हैरान हैं।
गुजरात से कड़े और तीखे सवाल:
- अपने भविष्य के लिए आवाज़ उठा रहे युवाओं और देश का हित चाहने वाले सोनम वांगचुक जैसे लोगों के प्रोटेस्ट को सुनने के बजाय अधिकारी आंखें क्यों मूंदे हुए हैं?
- क्या गुजरात में शिक्षा को बेहतर बनाने की बात करना या केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करना क्राइम हो गया है?
- डेमोक्रेसी में लोगों से प्रोटेस्ट करने का हक छीनकर सरकार आखिर किस तरह का शासन चलाना चाहती है?
सालंगपुर से शुरू हुए इस प्रोटेस्ट की आग अब पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गई है। पक्को गुजरात लोगों की इस आवाज़ को सत्ता के शिखर पर बैठे नेताओं तक पहुंचाने का काम करता रहेगा!

