पाटीदार और OBC फैक्टर के बीच फंसी मंजलपुर की गद्दी: क्या कांग्रेस की नई स्ट्रैटेजी BJP के गढ़ में सेंध लगाएगी या भगवा लहराएगा? ‘महानगर मेट्रो न्यूज़’ का ग्राउंड एनालिसिस
गुजरात की पॉलिटिक्स में सबसे सुरक्षित और ‘BJP का अभेद्य किला’ मानी जाने वाली वडोदरा की मंजलपुर असेंबली सीट पर इस बार चुनावी माहौल गरमा गया है। इस बार, ट्रेडिशनली BJP का गढ़ मानी जाने वाली इस सीट पर लड़ाई सिर्फ पार्टियों के बीच नहीं है, बल्कि यह ‘पटेल बनाम OBC’ के हाई-वोल्टेज जातिगत समीकरणों में बदल गई है। कांग्रेस के खेले गए नए दांव और BJP की अंदरूनी खींचतान के बीच, पूरे गुजरात की निगाहें इस बात पर हैं कि इस बार मंजलपुर की जनता किसके सिर ताज पहनाएगी। BJP के गढ़ में जातिवाद का नया गणित
मांजलपुर सीट दशकों से BJP का साथ देती आ रही है। लेकिन इस बार समीकरण बदल गए हैं। पाटीदार वोटर और OBC (तरवाड़ी, राणा, क्षत्रिय और दूसरी OBC जातियां) वोटर इस सीट पर अहम भूमिका निभाते हैं। अगर BJP पाटीदार चेहरे पर दांव लगाती है, तो ज़्यादातर OBC वोटरों में नाराज़गी फैल सकती है और अगर OBC चेहरे को टिकट मिलता है, तो पाटीदार लॉबी नाराज़ होने की संभावना है। इस बार कांग्रेस ने इस कमज़ोर नस पर मज़बूत पकड़ बना ली है।
कांग्रेस का मास्टरस्ट्रोक: BJP को नुकसान या कांग्रेस को फ़ायदा?
कांग्रेस ने इस सीट पर सत्ताधारी पार्टी के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए स्थानीय तौर पर मज़बूत OBC या पाटीदार फ़ैक्टर को भुनाने की योजना बनाई है। कांग्रेस का हिसाब साफ़ है: अगर BJP के टिकट बंटवारे में ज़रा सी भी चूक हुई, तो नाराज़ ग्रुप के वोट सीधे उसकी जेब में जाएँगे। पॉलिटिकल एनालिस्ट के मुताबिक, अगर OBC वोटर एक साथ वोट करते हैं, तो BJP की अब तक की एकतरफ़ा जीत का रिकॉर्ड खतरे में पड़ सकता है।
क्या अंदरूनी नाराज़गी BJP को नुकसान पहुंचाएगी?
वडोदरा BJP में पिछले कुछ समय से चल रही अंदरूनी खींचतान, गुटबाज़ी और टिकट के दावेदारों की लंबी लिस्ट, मंजलपुर में BJP के लिए चिंता का विषय बन गई है। पुराने जोगी अपनी पकड़ छोड़ने को तैयार नहीं हैं, जबकि युवा चेहरे नया मौका ढूंढ रहे हैं। ऐसे में अगर पटेल बनाम OBC की इस सीधी लड़ाई में पार्टी के अंदर ही ‘धोखा’ होता है, तो इसका सीधा फ़ायदा कांग्रेस को मिल सकता है।
‘महानगर मेट्रो ‘ का ज्वलंत सवाल: विकास जीतेगा या जातिवाद?
मंजलपुर की लड़ाई अब रोमांचक मोड़ पर है। BJP अपने संगठन की ताकत और PM मोदी के चेहरे के दम पर गढ़ बचाने की जी-तोड़ कोशिश कर रही है, जबकि कांग्रेस जाति के समीकरण बिठाकर बड़ा उलटफेर करने की कोशिश कर रही है। ‘पाको गुजरात न्यूज़’ सवाल पूछता है – क्या मंजलपुर के पढ़े-लिखे लोग इस बार भी BJP के ‘विकास’ पर अपनी वफ़ादारी दिखाएंगे या विपक्ष का बनाया ‘पटेल बनाम OBC’ का गणित BJP के इस अभेद्य किले को गिरा देगा? टिकटों की घोषणा के बाद यह लड़ाई कितनी तीखी होती है, इस पर हमारी नज़र रहेगी।

