नई दिल्ली: देश की पहली महिला IPS ऑफिसर और पुडुचेरी की पूर्व गवर्नर किरण बेदी के एक सनसनीखेज बयान ने राजनीतिक गरमाहट पैदा कर दी है। BJP के टिकट पर चुनाव लड़ चुकीं इस अनुभवी ऑफिसर ने सबके सामने माना है कि, “मैं अपनी ज़िंदगी में दोबारा कभी BJP से चुनाव लड़ने की गलती नहीं करूंगी!”
किरण बेदी के इस बयान ने देश की राजनीति और खासकर सत्ताधारी पार्टी BJP के खेमे में बड़ा भूचाल ला दिया है।
इस गलती की वजह क्या थी?
2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में BJP ने किरण बेदी को अपना मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनाया था। एक सख्त ऑफिसर के तौर पर जानी जाने वाली किरण बेदी से BJP को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन पार्टी के अंदर की अंदरूनी खींचतान और राजनीतिक समीकरणों की वजह से उन्हें हार का सामना करना पड़ा। अब सालों बाद उनका गुस्सा इस बात पर निकला है कि सत्ता और राजनीति के इस खेल में ईमानदार लोगों के लिए कोई जगह नहीं बची है।
महानगर मेट्रो से मुश्किल सवाल
- पूर्व IPS किरण बेदी जैसी एडमिनिस्ट्रेटिव तौर पर अनुभवी और मज़बूत पर्सनैलिटी को BJP से चुनाव लड़ने का अफ़सोस क्यों हुआ?
- क्या रूलिंग पार्टी में सख़्त और उसूलों वाले नेताओं को साइडलाइन किया जा रहा है?
- ‘BJP से चुनाव लड़ना मेरी गलती थी’ – क्या ये शब्द BJP के अंदर चल रहे अंदरूनी तनाव और सत्ता के घमंड की ओर इशारा करते हैं?
जब चुनाव आते हैं, तो नेताओं के बड़े-बड़े दावे सामने आते हैं, लेकिन जब देश के सबसे चर्चित पूर्व IPS ऑफिसर खुद पार्टी की ऐसी सच्चाई सामने लाते हैं, तो जनता को भी यह समझने की ज़रूरत है कि कागज़ पर दिखने वाले चेहरों और सत्ता के पर्दे के पीछे के काले कारनामों में कितना बड़ा फ़र्क होता है!

