गांधीनगर/गुजरात: राज्य में BJP के सीनियर नेता, पूर्व मंत्री और MLA रमनलाल वोरा के परिवार से जुड़ा एक बड़ा और चौंकाने वाला लैंड माफिया का खेल उजागर हुआ है! फर्जी किसान बनकर करोड़ों रुपये की कीमती जमीन हड़पने का बड़ा घोटाला सामने आते ही सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए सरकारी जमीन पर बनी 7.3 एकड़ जमीन जब्त कर ली है। सत्ता के नशे में धुत होकर किए गए इस काले कारनामे के पर्दाफाश से राज्य की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है।
क्या था फर्जी किसान बनने का पूरा खेल?
मिली सनसनीखेज जानकारी के मुताबिक, कानून की आंख में धूल झोंककर और फर्जी कागज बनाकर असली किसान न होते हुए भी फर्जी किसान का स्टेटस बनाया गया। इसी फर्जी किसान अकाउंट के आधार पर करोड़ों रुपये की 7.3 एकड़ जमीन अपने नाम कर ली गई। जब इस मामले के सबूत और शिकायतें एडमिनिस्ट्रेशन तक पहुंचीं, तो जांच में घोटाले की पुरानी पोल खुल गई।
सरकार ने आंखें मूंद लीं: करोड़ों की ज़मीन को श्री सरकार बता दिया!
जांच में पता चला कि इस ज़मीन को खरीदने और किसान बनने के लिए जो डॉक्यूमेंट्स पेश किए गए थे, वे पूरी तरह से झूठे और कानून के खिलाफ थे। इसलिए, रेवेन्यू एडमिनिस्ट्रेशन ने सख्त रुख अपनाते हुए, BJP MLA के परिवार की इस 7.3 एकड़ ज़मीन को कानूनी प्रावधानों के तहत ज़ब्त करके ‘श्री सरकार’ (सरकारी) करने का सख्त आदेश दिया है।
महानगर मेट्रो की धमकियां और सीधे सवाल:
- अगर आम नागरिकों को सरकारी दफ्तरों में एक छोटे से कागज़ के लिए परेशान किया जा रहा है, तो BJP के एक बड़े नेता के परिवार ने इतनी आसानी से नकली किसान बनकर ज़मीन क्यों हड़प ली?
- क्या सत्ता के नशे में इतने सालों तक कानून और रेवेन्यू सिस्टम को अंधेरे में रखा गया?
- क्या सिर्फ़ ज़मीन ज़ब्त करने से इंसाफ़ मिल जाएगा, या इस घोटाले को करने और नकली डॉक्यूमेंट्स बनाने वालों के खिलाफ़ क्रिमिनल केस दर्ज करके जेल भेजा जाएगा? जब लोगों को ईमानदारी का पाठ पढ़ाने वाले नेताओं के घरों से ज़मीन हड़पने की ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, तो लोगों का लोकतंत्र से भरोसा डगमगा जाता है। पक्को गुजरात तब तक आवाज़ उठाता रहेगा जब तक इस घोटाले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हो जाती!

