Homeभारतमध्यप्रदेशगोल्ड के लिए चुराई गई नरवर किले से सिंधियाकालीन तोप? अष्टधातु की...

गोल्ड के लिए चुराई गई नरवर किले से सिंधियाकालीन तोप? अष्टधातु की समझ उखाड़ी, राजा नल के खजाने की तलाश में थे चोर

नरवर किले से ऐतिहासिक तोप की चोरी हो गई है। पुलिस के हाथ इसमें अभी तक खाली है। आशांका है कि चोरों ने इसलिए चोरी की कि तोप में सोना छिपा है। पुलिस का कहना है कि इस घटना को प्लानिंग के तहत अंजाम दिया गया है।

हाइलाइट्स
शिवपुरी के नरवर किले से हुई थी तोप की चोरी
सोने की चाहत में तोप चोरी की आशंका
पुलिस के इस मामले में हाथ हैं खाली
खजाने की तलाश में चोरों ने खोदी थी सुरंग

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से एक टन वजन वाली ऐतिहासिक तोप की चोरी हुई है। चोरों को लगा कि इसमें कई किलो सोना छिपा है। एक पौराणिक खजाने की तलाश में कुछ समय पहले ऐतिहासिक नरवर किले के अंदर चोरों ने चुपके से 20 फीट गहरी सुरंग भी खोदी थी। इसके ठीक तीन महीने बाद राज्य पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित इस स्मारक से एक विशाल तोप की दुस्साहसी चोरी हुई है।

अष्टधातू के लालच में हुई चोरी

जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या यह चोरी भी अष्टधातु के लालच में की गई थी। नरवर किले में घटित दोनों घटनाओं ने जांच एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। ऐसा लगता है कि दोनों की घटनाएं मध्ययुगीन किले से जुड़ी छिपी हुई दौलत के बारे में स्थानीय लोक-कथाओं से प्रेरित थीं।

पुलिस के पास कोई सुराग नहीं

वहीं, सुरक्षा में लगातार हुई इन चूक के बावजूद, पुलिस किसी भी मामले में कोई ठोस सुराग नहीं ढूंढ पाई है। शिवपुरी एसडीओपी प्रशांत शर्मा ने कहा कि हम उस गिरोह की पहचान करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं लेकिन अभी तक कोई खास जानकारी नहीं मिली है। हम चौकीदार के बयान की भी पुष्टि कर रहे हैं।

छोटे-मोटे चोरों का नहीं है यह काम

इसके साथ ही जांचकर्ताओं का कहना है कि एक टन वजन वाली तोप की चोरी छोटे-मोटे चोरों का काम नहीं हो सकता है। इस काम के लिए पहले से रेकी की गई होगी। भारी सामान उठाने वाले उपकरण, ट्रांसपोर्ट गाड़ियां और किले के कमजोर एंट्री और एग्जिट प्वाइंट्स की जानकारी की जरूरत रही होगी।

नहीं है कोई सीसीटीवी कैमरे

इसमें सबसे बड़ी चूक यह है कि किले के आसपास कहीं भी सीसीटीवी कैमरे न होने और अलग-अलग दिशाओं में जाने वाली तीन सड़कों की वजह से जांच का काम बहुत मुश्किल हो गया है। वहीं, जांच की सबसे मजबूत थ्योरी यह है कि चोरों को लगा था कि तोप अष्टधातु से बनी हुई है।

गौरतलब है कि नरवर किला करीब 1100 साल पुराना है। किला अपनी भव्यता के साथ-साथ राजा नल और विदर्भ देश की राजकुमारी दमयंती की प्रेम कथा की वजह से भी चर्चित है। पौराणिक कहानियां हैं कि इस किले में राजा नल का खजाना दबा हुआ है। ऐसे में यह भी अटकलें हैं कि चोर उसी खजाने की खोज में थे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments