महाराष्ट्र सरकार ने एक अहम फैसले में साल 2026 के लिए राष्ट्रीय हस्तियों और महान लोगों की जयंती मनाने की आधिकारिक सूची में दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार की जयंती को शामिल किया है। वरिष्ठ NCP नेताओं छगन भुजबल और हसन मुश्रीफ ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को इस बारे में लिखित अनुरोध सौंपा था
मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने एक अहम फैसला लेते हुए राज्य के नेता स्वर्गीय अजितदादा अनंतराव पवार की जयंती को साल 2026 में राष्ट्रवादियों और महान हस्तियों की ऑफिशियल जयंती प्रोग्राम में शामिल किया है। इस बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के सीनियर नेता और फूड एंड सिविल सप्लाई मिनिस्टर छगन भुजबल और सीनियर नेता और मेडिकल एजुकेशन मिनिस्टर हसन मुश्रीफ ने मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से लिखित रिक्वेस्ट की थी। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को ज्ञापन सौंपकर दिवंगत अजितदादा पवार की 22 जुलाई को मनाई जाने वाली जयंती को महाराष्ट्र के शासकीय कार्यालयों में आयोजित किए जाने वाले राष्ट्रपुरुषों एवं महान विभूतियों की जयंती कार्यक्रमों की आधिकारिक सूची में शामिल करने की मांग की।
सर्कुलर के अनुसार, अजित पवार की जयंती 22 जुलाई, 2026 (बुधवार) को पूरे राज्य में मनाई जाएगी। इस दिन मंत्रालय के साथ-साथ राज्य भर के सभी सरकारी और अर्ध-सरकारी कार्यालयों में उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके अलावा, सभी स्कूलों और कॉलेजों में भी यह जयंती मनाई जाएगी। मंडलायुक्तों और जिला कलेक्टरों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में इन कार्यक्रमों की उचित योजना और कार्यान्वयन सुनिश्चित करें।
अजित पवार ने प्रशासन पर अपनी मजबूत पकड़, बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान और जन-कल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के अथक प्रयासों के कारण लोगों के दिलों में एक खास जगह बनाई थी। उन्हें प्यार से ‘दादा’ कहा जाता था। सरकार के इस फैसले को महाराष्ट्र की प्रगति में उनके अभूतपूर्व योगदान और उनके निरंतर काम करने के जज़्बे के लिए एक बड़ी श्रद्धांजलि के तौर पर देखा जा रहा है। नतीजतन, ‘दादा’ की जनसेवा की विरासत को अब हर साल 22 जुलाई को आधिकारिक तौर पर सरकारी स्तर पर याद किया जाएगा।
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अजित पवार महाराष्ट्र के एक दमदार (‘डैशिंग’) नेता थे जिनकी प्रशासन पर मज़बूत पकड़ थी। वे अक्सर आम नागरिकों के हित में अधिकारियों को सबके सामने फटकार लगाते थे। अगर अधिकारी काम में देरी करते, तो अजित पवार उन्हें मौके पर ही जवाबदेह ठहराते थे। उन्होंने आम नागरिकों के कल्याण के लिए स्थानीय स्तर पर भी सीधे काम किया।
अजित पवार सीधे जनता तक पहुंचते थे, आम लोगों का हाल-चाल पूछते थे और उनकी समस्याओं का समाधान करते थे। इसी वजह से वे महाराष्ट्र में बेहद लोकप्रिय नेता बन गए थे। आम जनता उन्हें भविष्य के मुख्यमंत्री के तौर पर उम्मीद भरी नजरों से देखती थी। हालांकि, 28 जनवरी 2026 को एक विमान दुर्घटना में उनका निधन हो गया। जनता का मानना है कि इससे महाराष्ट्र को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है।

