‘महानगर मेट्रो’ के एक रीडर ने एक डरावनी कहानी का अनुभव किया; सुनसान सड़क पर पत्थर मारकर इनोवा कार लूटने की कोशिश, पत्थर शीशा तोड़कर अंदर घुस गए
क्या गुजरात और राजस्थान के बॉर्डर पर लॉ एंड ऑर्डर पूरी तरह से खत्म हो गया है? क्या क्रिमिनल्स के मन से खाकी वर्दी का डर पूरी तरह खत्म हो गया है? ये सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि रात में अंबाजी से आबू रोड पर गुजरना अब मौत का खेल खेलने जैसा हो गया है। कल रात 9 बजे के बाद इस हाईवे पर हुई एक बहुत ही भयानक और जानलेवा घटना ने यात्रियों की सुरक्षा की धज्जियां उड़ा दी हैं। लूट के इरादे से एक गैंग ने एक परिवार की कार पर हमला किया,
जिससे पूरे जिले में जाम लग गया। भयानक घटना के फैक्ट्स:
मिली जानकारी के मुताबिक, कल रात 9 बजे के बाद एक परिवार अपनी इनोवा कार में अंबाजी से आबू रोड की तरफ जा रहा था। हाईवे पूरी तरह सुनसान था और अंधेरे का फायदा उठाकर सड़क किनारे छिपे लुटेरों ने अचानक कार को निशाना बनाया। लुटेरों ने कार को रोकने के लिए ज़ोरदार पत्थर मारना शुरू कर दिया और अंदर बैठे लोगों को बंधक बनाकर लूट लिया।
हमला इतना जानलेवा और ज़ोरदार था कि इनोवा कार का मज़बूत शीशा धमाके के साथ टूट गया। भारी पत्थर शीशे को तोड़ते हुए सीधे कार में घुस गए। कार में बैठे बेगुनाह यात्री सदमे में आ गए और बाल-बाल बच गए। डर के इस माहौल में परिवार किसी तरह अपनी कार भगाने में कामयाब रहा।
पुलिस की ढीली पॉलिसी और लुटेरों की खुली चुनौती:
सबसे गंभीर और चौंकाने वाली बात यह है कि इस इलाके में पुलिस की PCR वैन पेट्रोलिंग करती है, लेकिन उसकी मौजूदगी सिर्फ़ कागज़ों पर या सजावट के तौर पर लगती है। पीड़ित परिवार ने बताया कि घटना के बाद पुलिस PCR ने उन्हें सुरक्षित जगह पर छोड़ दिया था, लेकिन हाईवे पर आतंक मचा रहे इन लुटेरों को पुलिस की चांदी की थैली का भी डर नहीं है। पुलिस की गाड़ी के जाने के बाद लुटेरे फिर से एक्टिव हो जाते हैं और दूसरे बेकसूर गाड़ी चलाने वालों को अपना शिकार बनाते हैं। यह साफ नहीं है कि यहां कानून का राज है या क्रिमिनल्स का।
‘महानगर मेट्रो’ की रीडर्स के लिए चेतावनी:
‘महानगर मेट्रो’ इस रोड से गुजरने वाले सभी गाड़ी चलाने वालों और टूरिस्ट के लिए जलता है। रात 9 बजे के बाद अंबाजी-आबू रोड पर न जाएं। इस सुनसान रोड पर कभी भी मौत और लुटेरे आपके सामने आ सकते हैं। जब तक अधिकारी लुटेरों के इस गैंग का सफाया नहीं कर देते और चेकपॉइंट नहीं बना देते, तब तक रात में सफर करने से बचना बहुत जरूरी है। जनता की मांग है कि अधिकारी जल्दी जागें और इस खतरनाक हाईवे को सुरक्षित करें।

