भक्तों के लिए 45,000 kg (45 टन) शुद्ध देसी घी का महाप्रसाद तैयार किया जाएगा; सांस्कृतिक नगरी वडोदरा भक्ति में डूबने को तैयार है
16 जुलाई को आषाढ़ी बीज के शुभ दिन पर सांस्कृतिक नगरी वडोदरा में भक्ति का अनोखा माहौल देखने को मिलेगा। हर साल की तरह इस साल भी गोत्री स्थित इस्कॉन मंदिर ने भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलराम की भव्य रथ यात्रा का आयोजन किया है। भगवान खुद वडोदरा के हाईवे पर भक्तों को दर्शन देने के लिए शहर भ्रमण पर निकलेंगे, जिससे शहर भर के नागरिकों और कृष्ण भक्तों में बहुत उत्साह और खुशी है। 45 सालों की परंपरा और खास आयोजन:
यह रथ यात्रा पिछले 45 सालों से लगातार वडोदरा शहर में गोत्री इस्कॉन मंदिर द्वारा आयोजित की जा रही है। इस साल अपने 45वें साल में प्रवेश कर रही इस रथ यात्रा को और भी भव्य और यादगार बनाने के लिए मंदिर प्रशासन और हजारों वॉलंटियर दिन-रात काम कर रहे हैं। रथ यात्रा के पूरे रास्ते में भगवान के स्वागत के लिए आकर्षक सजावट और रंगोली बनाई जाएगी।
45 टन शीरा महाप्रसाद का रिकॉर्ड वितरण:
इस साल की रथ यात्रा का मुख्य आकर्षण भगवान को चढ़ाया जाने वाला महाप्रसाद है जिसे भक्तों में बांटा जाएगा। इस बार भक्तों के लिए एक खास कार्यक्रम के तहत, इस्कॉन मंदिर शुद्ध देसी घी से तैयार 45,000 kg शीरा प्रसाद वितरित करेगा, यानी लगभग 45 टन। इस महाप्रसाद को बनाने के लिए रसोइयों और भक्तों की खास टीमों ने काम करना शुरू कर दिया है, ताकि रथ यात्रा के दौरान दर्शन के लिए आने वाले सभी भक्तों को सही तरीके से प्रसाद मिल सके।
भक्तों में गजब का उत्साह:
वडोदरा के लोग आषाढ़ी बीज के शुभ दिन पर भगवान के रथ की रस्सी खींचकर पुण्य कमाने के लिए उत्सुक हैं। रथ यात्रा के दौरान हरिनाम संकीर्तन, मंजीरा और मृदंगम की धुन पर नाचते भक्त, साथ ही रथ के आगे चलने वाले अलग-अलग कल्चरल ग्रुप आकर्षण का केंद्र होंगे। रथ यात्रा शांतिपूर्ण माहौल में पूरी हो, यह पक्का करने के लिए वडोदरा पुलिस ने भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है।

