Homeभारतमहाराष्ट्रासुनेत्रा पवार का चुनाव गैर कानूनी, उनकी ही पार्टी पदाधिकारी ने दिया...

सुनेत्रा पवार का चुनाव गैर कानूनी, उनकी ही पार्टी पदाधिकारी ने दिया लीगल नोटिस, महाराष्ट्र NCP में फिर घमासान

NCP के नेशनल सेक्रेटरी सच्चिदानंद सिंह ने सुनेत्रा पवार, प्रफुल पटेल और पार्टी के नेशनल जनरल सेक्रेटरी और इलेक्शन नोडल ऑफिसर बृजमोहन श्रीवास्तव को एक लीगल नोटिस जारी किया है। इसमें ऑर्गनाइजेशनल इलेक्शन प्रोसेस को चुनौती दी गई है और मांग की गई है कि सुनेत्रा पवार के चुनाव को गैर-कानूनी घोषित किया जाए।

मुंबई : नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) में पार्टी के कामकाज के तरीके, खासकर NCP सांसद और महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार के बड़े बेटे पार्थ पवार की पार्टी के कामकाज में दखलअंदाजी को लेकर असंतोष बढ़ रहा है। यह असंतोष तब सामने आया जब NCP सचिव सच्चिदानंद सिंह ने सुनेत्रा को कानूनी नोटिस भेजा। इसमें दावा किया गया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर उनका चुनाव गैर-कानूनी था और नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की गई।

9 जुलाई को सुनेत्रा को भेजे गए नोटिस में सिंह ने अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए पार्टी द्वारा अपनाई गई पूरी चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के संविधान के अनुसार एक स्वतंत्र केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण का गठन और चुनाव का आधिकारिक कार्यक्रम जारी करने के लिए एक रिटर्निंग ऑफिसर की नियुक्ति जरूरी है, लेकिन इनमें से कुछ भी नहीं किया गया।

15 दिन का दिया समय

सच्चिदानंद सिंह ने पार्टी को अपनी मांगों को पूरा करने के लिए 15 दिन का समय दिया है। इन मांगों में सुनेत्रा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर हुए तथाकथित चुनाव को अमान्य घोषित करना शामिल है। उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग को भेजी गई सभी सूचनाओं और दस्तावेजों को वापस लेने को कहा है। इसके अलावा पदाधिकारियों की नियुक्ति को शून्य और अमान्य घोषित करने की भी मांग की है।

प्रफुल्ल पटेल और बृजमोहन श्रीवास्तव भी प्रतिवादी

पार्टी सचिव ने चेतावनी दी है कि अगर पार्टी उनकी मांगों को पूरा नहीं करती है तो वे कानूनी कार्रवाई करेंगे। सुनेत्रा के अलावा, NCP के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल और राष्ट्रीय महासचिव बृजमोहन श्रीवास्तव को भी प्रतिवादी बनाया गया है। खासकर पार्थ पवार को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। पार्टी के कई नेताओं का आरोप है कि वे एकतरफा फैसले लेते हैं और दूसरों की बात सुनने को तैयार नहीं रहते।

सुनेत्रा पवार को भेजे गए लीगल नोटिस में क्या

कानूनी नोटिस में आरोप लगाया गया है कि पार्टी लीडरशिप ने 26 फरवरी को मुंबई में हुए पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में सुनेत्रा पवार को चुनते समय NCP के संविधान का उल्लंघन किया। सिंह के अनुसार, अजीत पवार के निधन के बाद 17 फरवरी को हुई बैठक में यह तय किया गया था कि प्रफुल्ल पटेल अंतरिम राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर काम करेंगे। हालांकि, उनका आरोप है कि अगले ही दिन, पार्टी संविधान में तय प्रक्रियाओं का पालन किए बिना नए राष्ट्रीय अध्यक्ष को चुनने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

सिंह ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रीय अधिवेशन बुलाने और अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया शुरू करने का अधिकार केवल अधिकृत कार्यवाहक अध्यक्ष के पास था, न कि महासचिव के पास। नोटिस में यह भी आरोप लगाया गया है कि अनिवार्य संवैधानिक प्रक्रियाओं, जिसमें स्वतंत्र चुनाव प्राधिकरण की नियुक्ति, चुनाव कार्यक्रम का प्रकाशन, नामांकन आमंत्रित करना और मतदान प्रक्रिया शामिल हैं को नजरअंदाज किया गया।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments