सब हेडलाइंस : एसपी सुशील अग्रवाल और पीआई पटेल के मौन के पीछे क्या है बड़ा राज? गांव-गांव धधक रही शराब की भट्टियों और जुआ अड्डों का लोकेशन के साथ भंडाफोड़।
स्टेट मॉनिटरिंग सेल की छापेमारी से पहले ही वडोदरा एलसीबी द्वारा लोकेशन लीक करने का सनसनीखेज आरोप, मीडिया के फोन उठाना बंद।
काली कमाई से पुलिस के चहेते कारिंदे ने खड़ी की करोड़ों की बेनामी संपत्ति; ‘महानगर मेट्रो’ का सीधा सवाल- अगर जिला फिर किसी लट्ठाकांड (जहरीली शराब कांड) से दहला, तो जिम्मेदार कौन?
करजण/वडोदरा:
गुजरात सरकार भले ही गांधीनगर से राज्य में सख्त शराबबंदी के ऊंचे-ऊंचे दावे करती हो, लेकिन वडोदरा जिले के करजण तालुका से जो जमीनी हकीकत सामने आई है, उसने आला अधिकारियों की नींद उड़ा दी है। करजण में कानून और व्यवस्था की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। पूरा इलाका जैसे बूटलेगरों और जुआरियों के लिए महफूज ठिकाना बन चुका है। सरकारी नियमों को ताक पर रखकर करजण पुलिस थाने की नाक के नीचे ही अरबों रुपये का अवैध नेटवर्क फल-फूल रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे काले साम्राज्य की कमान संभालने वाला कोई और नहीं, बल्कि खुद पुलिस का ही एक
चहेता कारिंदा (वहीवटदार) है, जो पहले शराब के ही एक बड़े मामले में जेल की हवा खा चुका है।
सूत्रों से मिली अत्यंत सनसनीखेज जानकारी के मुताबिक, करजण पुलिस स्टेशन से महज २ किलोमीटर दूर स्थित करमडी गांव में करीब १५ से ज्यादा देसी शराब की भट्टियां बिना किसी डर के धड़ल्ले से चल रही हैं, जहां से पूरे इलाके में शराब की सप्लाई होती है। इसके अलावा, कुलारी गांव में नई नगरी पानी की टंकी के पास नगीन नाम का बूटलेगर खुलेआम वरली-मटका का जुआ खिला रहा है। सापा गांव की नई वसाहत में भी यह सट्टा जोरों पर है। इतना ही नहीं, राणपुर गांव का सरपंच और बीजेपी युवा मोर्चा का अध्यक्ष पार्थ शाह खुद पूरे करजण तालुका में विदेशी शराब का बड़ा धंधा चला रहा है। सीमडी से राणपुर जाने वाले रास्ते पर शराब का भारी जखीरा छिपाकर रखे जाने के पक्के सबूत मिले हैं। वहीं कंडारी गांव में टावर के पास अमित वसावा नाम का तस्कर अंग्रेजी शराब बेच रहा है, और बारियावास इलाके में परेश चूनावाड़ा नाम का शख्स सरेआम विदेशी शराब की बिक्री कर रहा है।
इस पूरे अवैध कारोबार के पीछे करजण पुलिस स्टेशन के पीआई पटेल का सबसे लाडला और खास कारिंदा हनुभा कामडिया उर्फ हनु बूटलेगर मुख्य सूत्रधार बताया जा रहा है। यह हनुभा पहले शराब के बड़े केस में पकड़ा जा चुका है, पुलिस से सस्पेंड हुआ था और जेल भी जा चुका है। ऐसे शातिर दिमाग शख्स ने आज पूरे करजण तालुका की पुलिस को कथित तौर पर अपनी उंगलियों पर नचा रखा है। शराब और जुए के अड्डों से होने वाली करोड़ों रुपये की काली कमाई के दम पर इस कारिंदे ने भ्रष्टाचार के सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए करोड़ों की बेनामी संपत्ति खड़ी कर ली है। वडोदरा जिले के पुलिस कप्तान (SP) सुशील अग्रवाल, वडोदरा एलसीबी और करजण पुलिस के अधिकारियों की इस मामले में पूरी तरह साधी गई चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े करती है।
इस मामले में सबसे बड़ा विस्फोट यह हुआ है कि जब भी कोई जागरूक नागरिक स्टेट मॉनिटरिंग सेल (SMC) में इन अड्डों की ऑनलाइन शिकायत करता है,
तो गांधीनगर से टीम के पहुंचने से पहले ही वडोदरा एलसीबी के कुछ कथित भ्रष्ट कर्मी कारिंदे और करजण पुलिस को व्हाट्सएप पर लोकेशन शेयर कर अलर्ट कर देते हैं कि ‘गाड़ी निकल चुकी है, अड्डे बंद कर दो!’। वडोदरा एलसीबी पीआई का सीधा कनेक्शन करजण के इसी कथित कारिंदे हनुभा कामडिया के साथ होने की चर्चा है, जहां रोजाना लाखों रुपये का लेनदेन होता है। इस मामले में उनका पक्ष जानने के लिए जब ‘महानगर मेट्रो’ न्यूज़ द्वारा एलसीबी पीआई से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन उठाना ही बंद कर दिया। यह रवैया साफ करता है कि कार्रवाई करने की जगह सिर्फ हफ्ता बढ़ा दिया गया है। जिले के पुलिस कप्तान इस पूरी भ्रष्ट व्यवस्था के सामने आंखें मूंदकर बैठे हैं।
यह भ्रष्ट टोली राज्य के मुख्यमंत्री की स्वच्छ छवि को धूमिल कर रही है और गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी के ड्रग्स और शराब मुक्त गुजरात के अभियान को खुली चुनौती दे रही है। ‘महानगर मेट्रो’ न्यूज़ पेपर सीधे सरकार से सवाल पूछता है कि, बूटलेगरों के दम पर चलने वाले ऐसे भ्रष्ट तंत्र के खिलाफ गांधीनगर का चाबुक कब चलेगा? अगर वडोदरा जिले में कोई बड़ा लट्ठाकांड होता है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या करजण की जनता को इस अभिशाप से कभी मुक्ति मिलेगी?

