वेफ़र देने के बहाने उसे बुलाया और घिनौनी हरकत की; आरोपी नंदलाल हसवानी जेल भेजा गया!
अहमदाबाद शहर के मेघानीनगर इलाके से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जो इंसानियत को शर्मसार करती है और सभी माता-पिता की आँखें खोल देती है। एक ऐसी घटना सामने आई है जिसमें पड़ोस में रहने वाले एक बुज़ुर्ग ने बेटी जैसी 5 साल की मासूम बच्ची पर बुरी नज़र डाली और उसके साथ छेड़छाड़ की। मेघानीनगर पुलिस ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई की और उस बुज़ुर्ग को हिरासत में ले लिया।
इस आरोपी की करतूत की रिपोर्ट ‘महानगर मेट्रो न्यूज़’ पर पढ़ें…
वेफ़र देने के बहाने बच्ची को अपने घर बुलाया
मिली जानकारी के अनुसार, यह दिल दहला देने वाली घटना मेघानीनगर पुलिस स्टेशन के इलाके में हुई है। नंदलाल हसवानी नाम के एक बुज़ुर्ग ने, जो पड़ोस में रहता था, बच्ची को अकेला देखकर उसे वेफ़र देने का लालच दिया। वेफ़र देने के बहाने इस विकृत सोच वाले बुज़ुर्ग ने बच्ची को अपने घर बुलाया और वहाँ उसके साथ शारीरिक शोषण किया।
बच्ची ने परिवार से दर्द की शिकायत की, जिससे हड़कंप मच गया
इस घिनौनी हरकत के बाद डरी-सहमी बच्ची अपने घर चली गई।
दर्द की शिकायत: कल बच्ची ने परिवार से शिकायत की कि उसे शरीर में असहनीय दर्द हो रहा है, जिससे परिवार वाले परेशान हो गए।
आज सुबह खुलासा: आज सुबह जब परिवार ने शांति से बच्ची से पूछा, तो मासूम ने डरते-डरते पड़ोसी बुज़ुर्ग नंदलाल की सभी बुरी करतूतों के बारे में परिवार को बताया।
बच्ची की बात सुनकर परिवार वालों के पैरों तले ज़मीन खिसक गई। परिवार ने बिना देर किए सीधे पुलिस से संपर्क किया।
पुलिस ने बच्ची का मेडिकल चेक-अप कराया, आरोपी नंदलाल हसवानी गिरफ्तार
जैसे ही यह गंभीर मामला सामने आया, मेघानीनगर पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने तुरंत सरकारी अस्पताल में बच्ची का मेडिकल चेक-अप कराया और परिवार की शिकायत के आधार पर कानूनी मामला दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी नंदलाल हसवानी को कुछ ही घंटों में गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया और उसके ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की है।
महानगर मेट्रो न्यूज़ की राय:
कुछ बुज़ुर्गों की ऐसी विकृत मानसिकता—जिनकी समझदारी उम्र के साथ परिपक्व होनी चाहिए—समाज के लिए एक खतरे की घंटी है। अब हम पड़ोस में रहने वाले ऐसे अपराधियों पर कैसे भरोसा कर सकते हैं? इस मामले में लड़की के परिवार ने जो जागरूकता दिखाई है, वह तारीफ़ के काबिल है।
‘महानगर मेट्रो न्यूज़’ सभी माता-पिता से अपील करता है कि वे अपने बच्चों के व्यवहार में आए छोटे-मोटे बदलावों या दर्द की उनकी शिकायतों को कभी नज़रअंदाज़ न करें। नंदलाल हसवानी जैसे दरिंदे को अदालत से फ़ास्ट-ट्रैक के ज़रिए इतनी कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए कि कोई भी निर्दोष व्यक्ति दोबारा उसकी तरफ़ आँख उठाकर देखने की हिम्मत न करे!

