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पोरबंदर स्टेशन यार्ड रीमॉडलिंग कार्य सफलतापूर्वक कमीशन, रेल परिचालन होगा अधिक सुरक्षित, तेज एवं आधुनिक

पश्चिम रेलवे के भावनगर मंडल ने रेल अवसंरचना के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए पोरबंदर स्टेशन के यार्ड रीमॉडलिंग कार्य को 04 जुलाई, 2026 को सफलतापूर्वक कमीशन कर दिया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूर्ण होने से स्टेशन पर रेल परिचालन अधिक सुरक्षित, सुचारु एवं दक्ष बनेगा तथा ट्रेनों एवं रेकों के संचालन में उल्लेखनीय सुधार होगा।

मंडल रेल प्रबंधक श्री दिनेश वर्मा के मार्गदर्शन में सम्पन्न इस परियोजना के अंतर्गत स्टेशन के इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (Electronic Interlocking–EI) सिस्टम का व्यापक आधुनिकीकरण किया गया है। परियोजना के तहत 72 रूटों के साथ नई इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली स्थापित की गई। इसके अतिरिक्त 25 नए प्वाइंट लगाए गए तथा 16 पुराने प्वाइंट हटाए गए। यार्ड में अब कुल 31 प्वाइंट, 44 डिटेक्शन प्वाइंट, 28 ट्रैक सेक्शन, 10 मुख्य सिग्नल तथा 17 शंट सिग्नल (09 डिपेंडेंट एवं 08 इंडिपेंडेंट) उपलब्ध हैं।

यार्ड रीमॉडलिंग के परिणामस्वरूप स्टेशन की परिचालन क्षमता एवं सुरक्षा में व्यापक सुधार हुआ है। इंजन एस्केप लाइन उपलब्ध होने से पूर्व में लाइन संख्या-1 (वर्तमान लाइन संख्या-2) पर होने वाली पुश-बैक मूवमेंट पूरी तरह समाप्त हो गई है, जिससे परिचालन अधिक सुरक्षित एवं तेज हो गया है।

इसके साथ ही यार्ड की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे ट्रेनों एवं रेकों के संचालन की दक्षता बढ़ेगी। नई डबल एग्जिट पिट-कम-वॉशिंग लाइन के निर्माण से रेकों की धुलाई, हटाने एवं लगाने की प्रक्रिया पहले की अपेक्षा अधिक त्वरित एवं सुविधाजनक हो गई है। वहीं डबल एग्जिट सुविधा के साथ निर्मित दो नई स्टेबलिंग लाइनों से खाली रेकों की आवाजाही अधिक सुचारु एवं शीघ्रता से संचालित की जा सकेगी।

परियोजना के अंतर्गत नॉन-इंटरलॉक्ड यार्ड को पृथक किए जाने से अब लाइन संख्या-6, 7 एवं 8 पर शंटिंग एवं ट्रेनों की रिसेप्शन प्रक्रिया एक साथ संचालित की जा सकेगी। इससे समय की बचत होने के साथ-साथ परिचालन क्षमता एवं कार्यकुशलता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

यार्ड रीमॉडलिंग कार्य के सफलतापूर्वक पूर्ण होने से पोरबंदर स्टेशन पर ट्रेनों एवं रेकों का टर्नअराउंड समय कम होगा, यार्ड की क्षमता बढ़ेगी, परिचालन में अधिक लचीलापन आएगा तथा सुरक्षा एवं विश्वसनीयता के मानकों में महत्वपूर्ण सुधार होगा। यह परियोजना भविष्य में बढ़ते रेल यातायात को अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित ढंग से संचालित करने में भी सहायक सिद्ध होगी।

पश्चिम रेलवे यात्रियों को सुरक्षित, आधुनिक एवं विश्वसनीय रेल सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आधारभूत संरचना के विकास तथा अत्याधुनिक तकनीकों के समावेश को निरंतर प्राथमिकता दे रही है। पोरबंदर स्टेशन यार्ड रीमॉडलिंग का सफल कमीशनिंग इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

अतुल कुमार त्रिपाठी
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक
पश्चिम रेलवे, भावनगर मंडल

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