डभोई तालुका के तरसाना में मछली पकड़ने से मौत झील में काले मुंह वाले मगरमच्छों की मौजूदगी के बावजूद मछुआरे अपनी जान जोखिम में डालकर पानी में उतर रहे हैं, प्रशासन किसी बड़ी आपदा का इंतजार करेगा। दभोई हाल के दिनों में राज्य भर में नदियों और झीलों में मगरमच्छों के हमला करने और लोगों को घसीटने की घटनाओं में चिंताजनक वृद्धि हुई है। दभोई तालुका के तरसाना गांव की झील में ऐसी ही भयावह और जानलेवा लापरवाही देखने को मिल रही है। झील में विशालकाय मगरमच्छों की मौजूदगी के बावजूद स्थानीय मछुआरे अपनी जान हथेली पर रखकर गहरे पानी में मछली पकड़ने के लिए उतर रहे हैं। अब स्थानीय लोगों में यह सवाल उठ रहा है कि अगर कोई बड़ी आपदा आती है तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा? स्थानीय सूत्रों के अनुसार पांच दिन पहले ही तरसाना गांव में इस झील के किनारे एक विशालकाय मगरमच्छ को टहलते देखा गया था। आशंका जताई जा रही है कि झील में एक नहीं बल्कि कई मगरमच्छ हैं। मगरमच्छों की मौजूदगी के प्रत्यक्ष प्रमाण के बावजूद मछुआरे पूरी लापरवाही के साथ झील के गहरे पानी में जाल डाल रहे हैं। हर सुबह-शाम होने वाली यह जानलेवा हरकत कभी भी किसी की जान ले सकती है।
गुजरात में मगरमच्छों का बढ़ता डर
गौरतलब है कि हाल के दिनों में राज्य की अलग-अलग नदियों और झीलों में मगरमच्छों द्वारा जानवरों और लोगों को किनारे खींचकर ले जाने की घटनाएं लगातार अखबारों की सुर्खियां बन रही हैं। ऐसे में, तरसाना गांव के मछुआरों के जानबूझकर मौत के मुंह में जाने के दृश्य सामने आए हैं। स्थानीय लोगों के मन में यह सवाल उठ रहे हैं कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है? अगर कोई मछुआरा झील में मगरमच्छ का शिकार हो जाता है, तो कौन जिम्मेदार होगा? प्रशासन, पंचायत या खुद मछुआरे जो अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं, वे कब जागेंगे? क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना और किसी बेगुनाह की मौत का इंतजार कर रहा है? लालच या मजबूरी में जान बचाने का खेल खेल रहे इन मछुआरों को कौन रोकेगा? वन विभाग या स्थानीय प्रशासन उन्हें कानूनी तौर पर रोकने के लिए कोई सख्त कदम क्यों नहीं उठा रहा है? झील के आसपास चेतावनी और गश्त जरूरी है। गांव के जागरूक नागरिकों की मांग है कि वन विभाग और स्थानीय प्रशासन इस मामले में तुरंत दखल दे। झील के चारों ओर चेतावनी वाले बोर्ड लगाए जाने चाहिए, जिन पर लिखा हो, “पानी में न जाएं क्योंकि वहां मगरमच्छ हैं” और गैर-कानूनी या खतरनाक तरीके से मछली पकड़ने पर तुरंत रोक लगानी चाहिए, ताकि समय रहते किसी बड़ी घटना से बचा जा सके।

