मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में हाइवे किनारे मिले रघुनाथ खेवर के अंधे कत्ल की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। परदेस से लौटे पति को रास्ते से हटाने के लिए उसकी पत्नी ने अपने प्रेमी और उसके साथी के साथ मिलकर खौफनाक साजिश रची थी।
मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में चार दिन पहले राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे संदिग्ध हालात में मिले एक शख्स के अंधे कत्ल की गुत्थी को पुलिस ने बेपर्दा कर दिया है। भारी गांव के रहने वाले 38 वर्षीय रघुनाथ उर्फ सरजू खेवर की हत्या के आरोप में पुलिस ने उसकी सगी पत्नी, उसके प्रेमी और एक अन्य सहयोगी को गिरफ्तार किया है। चितरंगी थाना पुलिस ने घटनास्थल से मिले वैज्ञानिक साक्ष्यों और कड़ाई से की गई पूछताछ के बाद इस खौफनाक मर्डर मिस्ट्री का खुलासा किया।
परदेस में पति, गांव में आशिक
पुलिस के मुताबिक, इस हत्याकांड की मास्टरमाइंड मृतक की 30 वर्षीय पत्नी रामकली ही थी। रामकली का गांव के ही 23 साल के नीरज कुमार शाह के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। यह नाजायज ताल्लुक तब शुरू हुआ, जब रघुनाथ अपने परिवार की खातिर पैसे कमाने गुजरात गया हुआ था। दोनों प्रेमी एक-दूसरे के इस कदर आदी हो चुके थे कि वे रघुनाथ को हमेशा के लिए अपने रास्ते से हटाना चाहते थे। जैसे ही उन्हें पता चला कि रघुनाथ 19 जून को गुजरात से वापस लौट आया है, उन्होंने कत्ल की साजिश को अमलीजामा पहना दिया।
जांच में साफ हुआ है कि आरोपी महिला का अपने प्रेमी के साथ संबंध तब बना जब उसका पति गुजरात में मजदूरी कर रहा था। आरोपी पीड़ित को अपने रिश्ते में सबसे बड़ी बाधा मानते थे, जिसके बाद उन्होंने मिलकर हत्या की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया। राहुल संयम, एसडीओपी, चितरंगी
खबर की अहम बातें
21 जून को हाइवे किनारे मिला था भारी गांव निवासी रघुनाथ खेवर का शव।
कत्ल के आरोप में पत्नी रामकली, प्रेमी नीरज शाह और साथी सूरज गोंड गिरफ्तार।
पति के गुजरात में रहने के दौरान पत्नी और प्रेमी के बीच बने थे अवैध संबंध।
19 जून को गुजरात से लौटकर ससुराल की शादी में जा रहा था मृतक रघुनाथ।
आरोपियों ने शराब पार्टी के बहाने सुनसान जगह बुलाकर सिर पर पत्थर से किया वार।
ससुराल पहुंचने से पहले ही बिछाया मौत का जाल
रघुनाथ 19 जून को जब गांव लौटा, तो वह अपने ससुराल में एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहा था। इसी बीच, साजिश के तहत प्रेमी नीरज और उसके दोस्त सूरज सिंह गोंड ने रघुनाथ को रास्ते में घेरा और शराब पीने के बहाने हाइवे के पास एक सुनसान जगह पर बुला लिया। वहां रघुनाथ को शराब पिलाई गई और मौका पाकर उसके सिर पर भारी पत्थर से ताबड़तोड़ वार कर दिए गए। सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण रघुनाथ ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। गुनाह को छुपाने के लिए आरोपियों ने उसकी लाश को सड़क किनारे एक बड़े पत्थर के पीछे छिपा दिया था।
सलाखों के पीछे पहुंचे गुनहगार
कत्ल की वारदात को एक्सीडेंट का रूप देने की आरोपियों की यह चाल नाकाम रही। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपियों की निशानदेही पर कत्ल में इस्तेमाल किए गए पत्थर और अन्य सामग्री को बरामद कर लिया है। गुरुवार को तीनों आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस फिलहाल मामले के अन्य कड़ियों को जोड़ने के लिए आगे की कानूनी तफ्तीश में जुटी है।

