ओंकारेश्वर मंदिर की ओर जाने वाला झूला पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके बाद पुल पर आवागमन रोक दिया गया है। कलेक्टर ने कहा है कि एक-दो दिनों में व्यवस्था ठीक हो जाएगी।
खंडवा: देश के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक, खंडवा के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल ओंकारेश्वर मे एक बड़ा हादसा समय से पहले टल गया। ओंकारश्वर मे श्रद्धालुओं के आवागमन और दर्शन का प्रमुख मार्ग माना जाने वाला ‘झूला पुल’ अचानक क्षतिग्रस्त हो गया है। पुल की एक मुख्य कड़ी टूटने के कारण प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। किसी भी संभावित बड़े हादसे को टालने के लिए प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए तत्काल प्रभाव से झूला पुल से दर्शन व्यवस्था को रोक दिया है।
सुरक्षा के मद्देनजर पुल पर लगा ताला
घटना की गंभीरता को देखते हुए खंडवा कलेक्टर ऋषभ गुप्ता ने एसडीएम और स्थानीय अधिकारियों के साथ आपातकालीन चर्चा की। इसके बाद तत्काल प्रभाव से झूला पुल के प्रवेश मार्ग पर ताला लगा दिया गया है। पुल के दोनों ओर सुरक्षाकर्मियों और विशेष अमले की ड्यूटी तैनात की गई है ताकि कोई भी श्रद्धालु अनजाने में या जबरन इस मार्ग से न गुजरे। रोजाना लाखों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए यह सख्त कदम उठाया गया है।
अब पुराने पुल से होंगे दर्शन, ‘रिस्टबैंड’ की विशेष व्यवस्था
ओंकारेश्वर में झूला पुल बंद होने के कारण देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को अब पुराने पुल के रास्ते से मंदिर में प्रवेश दिया जा रहा है। सबसे ज्यादा असर शीघ्र दर्शन (वीआईपी दर्शन) करने वाले श्रद्धालुओं पर पड़ा है, क्योंकि वे इसी झूला पुल का उपयोग करते थे।
श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सूचना: वीआईपी और शीघ्र दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को अब जेपी चौक से जाना होगा। भीड़ को नियंत्रित करने और सुचारू व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने जेपी चौक पर रिस्टबैंड (Wristband) वितरित करने का विशेष प्रबंध किया है।
एक-दो दिनों में ठीक हो जाएगी व्यवस्था
इस पूरे मामले को लेकर खंडवा कलेक्टर ऋषभ गुप्ता ने श्रद्धालुओं को ढाढस बंधाया है। उन्होंने कहा कि झूला पुल के मेंटेनेंस और तकनीकी गड़बड़ी को दुरुस्त करने के लिए संबंधित इंजीनियरों को तुरंत सूचना दे दी गई है। इंजीनियरों की टीम जल्द ही मौके पर पहुंचकर मरम्मत का काम शुरू करेगी। कलेक्टर के अनुसार, आगामी एक से दो दिनों के भीतर मरम्मत कार्य पूरा कर इस पुल से आवागमन को दोबारा बहाल कर दिया जाएगा।
साल 2023 में भी सामने आ चुकी है ऐसी तकनीकी खराबी
यह पहला मौका नहीं है जब ओंकारेश्वर के इस प्रमुख झूला पुल की कड़ी टूटी हो। इससे पहले वर्ष 2023 में भी इसी तरह की तकनीकी खराबी के कारण पुल को बंद करना पड़ा था। उस दौरान कई दिनों तक मरम्मत कार्य चलने की वजह से देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं को काफी कठिनाइयों और भारी अव्यवस्था का सामना करना पड़ा था। प्रशासन इस बार कोशिश में है कि जल्द से जल्द काम पूरा हो ताकि पुराना इतिहास न दोहराया जाए।

