मध्य प्रदेश के मुरैना जिला अस्पताल के मेल मेडिकल वार्ड में गुरुवार को ड्रिप लगाने की बात पर एक नर्स और दो तीमारदारों के बीच तीखी झड़प हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मुरैना जिला अस्पताल में ड्रिप लगाने को लेकर नर्स और तीमारदारों में झड़प
मुरैना: मध्य प्रदेश के मुरैना जिला अस्पताल से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां गुरुवार को मेल मेडिकल वार्ड में एक ड्यूटी नर्स और दो तीमारदारों के बीच ड्रिप चढ़ाने को लेकर जमकर कहासुनी और झड़प हुई। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमा हरकत में आया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतें दर्ज कर ली हैं और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अस्पताल प्रबंधन ने इस मामले में नर्स के फैसले का समर्थन किया है।
गंभीर मरीज को प्राथमिकता देने पर भड़के तीमारदार
विवाद की शुरुआत तब हुई जब वार्ड में भर्ती एक मरीज के तीमारदार राहुल दंडोतिया ने ड्यूटी नर्स से अपने रिश्तेदार को तुरंत आईवी ड्रिप लगाने की मांग की। नर्स का कहना था कि वह उस वक्त एक बेहद गंभीर मरीज का इलाज कर रही थीं और नियमों के मुताबिक आपातकालीन मामलों को प्राथमिकता देना उनकी जिम्मेदारी थी। इसी बात को लेकर तीमारदार नाराज हो गए और बहस शुरू हो गई।
नर्स का आरोप है कि राहुल और उसके साथी ने खुद को बीजेपी नेता बताते हुए धौंस जमाने की कोशिश की।
तीमारदारों ने प्रदेश के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना के साथ अपनी एक तस्वीर दिखाकर रौब झाड़ा।
शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने नर्स पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं और नौकरी से बर्खास्त कराने की धमकी दी।
विवाद बढ़ने पर नर्स ने उन्हें सलाह दी कि अगर वे इंतजार नहीं कर सकते, तो मरीज को निजी अस्पताल ले जाएं।
दूसरी ओर, तीमारदारों ने नर्स पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि बहस के दौरान उसने उन पर ड्रिप की बोतल फेंकी थी।
अस्पताल प्रबंधन ने नर्स के रुख को सही बताया
इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए अस्पताल के अधिकारियों ने साफ किया है कि ड्यूटी पर मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा आपातकालीन और गंभीर मरीजों के इलाज को प्राथमिकता देना पूरी तरह से सही फैसला था। पुलिस अब वायरल वीडियो के आधार पर तथ्यों की पड़ताल कर रही है ताकि घटना की असली वजह और दोषियों पर उचित कार्रवाई की जा सके।

