गांधीनगर, (पॉलिटिकल ब्यूरो)। गुजरात में किसानों के लंबित मुद्दों और विभिन्न मांगों को लेकर राजनीतिक माहौल एक बार फिर गर्माता नजर आ रहा है। मुआवजा, भूमि अधिग्रहण तथा ग्रामीण क्षेत्रों से गुजरने वाली हाई-टेंशन बिजली लाइनों से जुड़े मामलों को लेकर किसान लंबे समय से अपनी आवाज उठा रहे हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर सक्रिय और चर्चित चेहरा कीर्ति पटेल ने किसानों के समर्थन में खुलकर बयान दिया है। अपने बयान में कीर्ति पटेल ने कहा, “मैं किसान की बेटी हूं। मैं जमीन और किसानों के पसीने की कीमत समझती हूं। सरकार को यह नहीं समझना चाहिए कि किसान कमजोर हैं। युवा अब जाग चुके हैं और किसानों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” गुजरात के कई क्षेत्रों में किसानों द्वारा मुआवजा और अन्य मांगों को लेकर समय-समय पर विरोध प्रदर्शन किए जाते रहे हैं। ऐसे में कीर्ति पटेल का समर्थन किसानों के मुद्दों को नई राजनीतिक और सामाजिक चर्चा दे सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सोशल मीडिया पर उनकी लोकप्रियता के कारण यह मुद्दा और अधिक व्यापक स्तर पर उठ सकता है। अब पूरे गुजरात की नजर इस बात पर है कि किसानों की मांगों को लेकर सरकार क्या रुख अपनाती है और आने वाले दिनों में यह आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है।

