मध्य प्रदेश एटीएस ने राजस्थान-हरियाणा बॉर्डर से एक बड़े अंतर-राज्यीय कट्टरपंथी नेटवर्क के तीसरे संदिग्ध मोहम्मद शाकिर को गिरफ्तार किया है। यह नेटवर्क पाकिस्तान स्थित हैंडलर द्वारा एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए चलाया जा रहा था।
भोपाल: मध्य प्रदेश एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने रविवार को एक बड़े अंतर-राज्यीय कट्टरपंथी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कामयाबी हासिल की है। एटीएस ने इस खुफिया नेटवर्क से जुड़े तीसरे मुख्य संदिग्ध मोहम्मद शाकिर (34) को राजस्थान-हरियाणा बॉर्डर के पास से गिरफ्तार किया है। यह पूरी कार्रवाई राजस्थान पुलिस के साथ मिलकर एक संयुक्त ऑपरेशन के तहत की गई। यह नेटवर्क कथित तौर पर पाकिस्तान में बैठे एक हैंडलर द्वारा व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित किया जा रहा था।
तीन राज्यों से जुड़े हैं नेटवर्क के तार
जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह नेटवर्क बेहद शातिर तरीके से काम कर रहा था। शाकिर की गिरफ्तारी से ठीक दो दिन पहले उत्तर प्रदेश के सहारनपुर (नानौता) से नईम अब्दुल्ला कुरैशी (38) को दबोचा गया था, जबकि एक दिन पहले ही भोपाल के काजी कैंप इलाके से मोहम्मद फराज (35) की गिरफ्तारी हुई थी। खुफिया सूत्रों का कहना है कि यह एक बंद ऑनलाइन ग्रुप था, जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं का ब्रेनवॉश करना और उन्हें ‘लोन वुल्फ’ यानी अकेले हमला करने की शैली के हमलों के लिए तैयार करना था।
अफगानिस्तान जाकर हथियार चलाने की थी ट्रेनिंग की तैयारी
गिरफ्तार आरोपियों में से भोपाल का रहने वाला मोहम्मद फराज एक ग्रेजुएट है और स्थानीय होम्योपैथिक क्लिनिक में काम करता था। पूछताछ में सामने आया है कि फराज पासपोर्ट बनवाकर हथियार और आतंकी ट्रेनिंग लेने के लिए अफगानिस्तान जाने की फिराक में था। इतना ही नहीं, पाकिस्तानी हैंडलर्स ने उसे ‘खालिद सैफुल्लाह’ का कोडनेम (उपनाम) भी दे रखा था।
मोहम्मद शाकिर (34 वर्ष) राजस्थान-हरियाणा बॉर्डर इंटर-स्टेट नेटवर्क का सक्रिय सदस्य, रविवार को अरेस्ट 20 जून तक एटीएस कस्टडी
मोहम्मद फराज (35 वर्ष) काजी कैंप, भोपाल कोडनेम ‘खालिद सैफुल्लाह’, अफगानिस्तान जाने की तैयारी में था 16 जून तक एटीएस कस्टडी
नईम अब्दुल्ला कुरैशी (38 वर्ष) नानौता, सहारनपुर (UP) ऑनलाइन कट्टरपंथी नेटवर्क का अहम हिस्सा, शुक्रवार को अरेस्ट 16 जून तक एटीएस कस्टडी
कोर्ट ने एटीएस रिमांड पर भेजा
एटीएस के अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में एक और संदिग्ध की पहचान की जा चुकी है, जिसकी तलाश में दूसरे राज्यों में छापेमारी जारी है। अदालत ने आरोपी फराज और कुरैशी को 16 जून तक, जबकि नवीनतम गिरफ्तार आरोपी शाकिर को 20 जून तक एटीएस की कस्टडी में भेज दिया है। एटीएस अब इनसे कड़ाई से पूछताछ कर नेटवर्क के अन्य सदस्यों का पता लगा रही है।

