महाराष्ट्र के ठाने में एक 70 साल के बुजुर्ग की पिटाई करने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
महाराष्ट्र में बुजुर्ग की पिटाई
ठाणे: महाराष्ट्र के ठाणे शहर में सड़क पर थूकने का विरोध करना एक 70 वर्षीय बुज़ुर्ग के लिए भारी पड़ गया। सार्वजनिक स्थान पर थूकने से रोकने पर एक कैब चालक ने बुज़ुर्ग के साथ न केवल गाली-गलौज की, बल्कि उनकी पिटाई भी कर दी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सीएम और डिप्टी सीएम भी एक्शन में आ गए। पुलिस ने इस मामले में आरोपी कैब चालक निशांत शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
कहां की घटना
जानकारी के अनुसार, यह घटना मंगलवार शाम करीब 7 बजे ठाणे के जुपिटर हॉस्पिटल के पास हुई। पुलिस के मुताबिक, बुज़ुर्ग व्यक्ति ने आरोपी को अपनी कार के बाहर सड़क पर थूकते देखा तो उसे ऐसा करने से मना किया। आरोप है कि इस मामूली आपत्ति पर आरोपी भड़क गया और उसने बुज़ुर्ग के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए मारपीट शुरू कर दी। एफआईआर के अनुसार, आरोपी ने बुज़ुर्ग को मुक्का मारा जिससे वह लड़खड़ा गए। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने पास में पड़ा एक पत्थर उठाकर बुज़ुर्ग के सिर पर हमला करने की कोशिश की। हालांकि, आसपास मौजूद लोगों ने उसे ऐसा करने से रोक लिया। मारपीट के दौरान बुज़ुर्ग की पत्नी और अन्य परिजन भी मौके पर मौजूद थे। घटना के बाद बुज़ुर्ग सड़क पर गिर पड़े।
कैसे सामने आया मामला
इस पूरी घटना का वीडियो किसी राहगीर ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया।
यह वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वीडियो सामने आने के बाद आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठने लगे।
मामले ने इतना तूल पकड़ा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने भी पुलिस अधिकारियों को आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
वहीं, मनसे ने सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ती रोड रेज और हिंसक घटनाओं पर चिंता व्यक्त की।
सोशल मीडिया पर भड़के यूजर्स
सोशल मीडिया पर भी लोगों ने घटना की कड़ी निंदा की। कई यूज़र्स ने सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कुछ लोगों ने यह सवाल भी उठाया कि नागरिक जिम्मेदारी निभाने वाले लोगों को हिंसा का सामना क्यों करना पड़ रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पीड़ित बुज़ुर्ग शुरुआत में शिकायत दर्ज कराने को लेकर हिचकिचा रहे थे। इसके बाद शिवसेना नेता नितेश पटोले की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया।

