रनवे से प्लेन लौटने पर कांग्रेस विधायक रामकिशोर दोगने का गुस्सा फूट पड़ा है। उन्होंने एयरपोर्ट पर कहा कि हमारे नेताओं विधायकों की बेइज्जती करवा दी है। ऐसा होता है कि रनवे से प्लेन लौट जाए।
कांग्रेस विधायक रामकिशोर दोगने का फूटा गुस्सा
भोपाल : कांग्रेस विधायकों का प्लेन रनवे से लौट गया है। इसके बाद कांग्रेस के एक विधायक का गुस्सा फूट पड़ा है। एयरपोर्ट से बाहर लौटते वक्त वह कांग्रेस पार्टी के बड़े नेताओं के प्रति गुस्से से लाल था। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमारे नेताओं ने विधायकों की बेइज्जती करवा दी है।
विधायकों के बेंगलुरु शिफ्ट कर रही थी कांग्रेस
दरअसल, राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस अपने विधायकों को बेंगलुरु शिफ्ट कर रही थी। विधायकों को लेकर जाने के लिए प्लेन आ गई थी। कांग्रेस विधायक बेंगलुरु में पिकनिक मनाने की तैयारी में थे। कांग्रेस विधायक परिवार के साथ वहां जा रहे थे। सभी विधायक प्लेन में जाकर बैठ गए। प्लेन बेंगलुरु ले लिए उड़ान भरने वाली थी। रनवे पर टेक ऑफ के लिए तैयार थी। मीनाक्षी नटराजन का नामांकन कैंसिल हुआ तो विधायकों से भरे प्लेन को रनवे से लौटना पड़ा।
फूट पड़ा विधायक का गुस्सा
बेंगलुरु टूर कैंसिल होने के बाद हरदा से कांग्रेस विधायक रामकिशोर दोगने का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने एक टीवी चैनल से बात करते हुए कहा कि हमारे नेताओं की भी बहुत बड़ी गलती है। ये सब चीजें इतनी जल्दी करवाने की जरूरत क्या थी। आपको इतनी जल्दी क्या थी। दो दिन रुकने के बाद सब प्लान करना चाहिए था। पहले से जगाकर सामने वाले को मौका दिया और उन्होंने नुकसान कर दिया।
बेइज्जती करने के सिवा कुछ और नहीं किया। कांग्रेस के नेताओं ने हम विधायकों की बेइज्जती की है। बीजेपी ने भी की है। रामकिशोर दोगने, कांग्रेस विधायक
बड़े नेताओं ने बेइज्जती की
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के बड़े नेताओं ने हमारी बेइज्जती की है। हमें गुस्सा है। पार्टी कार्यकर्ता और विधायक जमीन पर लड़ते हैं और यहां इस तरह की हरकतें होती हैं। तीन दिन से चल रहीं हरकतें ठीक नहीं हैं। ये सब प्लान से हुआ है। प्लेन रनवे पर चल गया और लौटा दिया गया। ऐसा कही होता है क्या। ये सब कुछ प्लान के तहत हुआ है।
गौरतलब है कि कांग्रेस विधायकों को क्रॉस वोटिंग रोकने के नाम पर फ्री में एक ट्रिप मिलने वाला था। अचानक से ट्रिप कैंसिल होने के बाद कांग्रेस विधायक रामकिशोर दोगने आगबबूला हो गए। अब कई विधायक अपने नेतृत्व को ही इसके लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। विधायकों को बेंगलुरु में रुकना था। वे वोटिंग के दिन यहां लौटकर आने वाले थे।

