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200 रुपये का टिकट 2500 में बेचा! महाकाल मंदिर में भस्म आरती के नाम पर अवैध वसूली, आधी रात को निकले प्रशासक

मध्यप्रदेश के उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में 200 रुपये की भस्म आरती के बदले 2500 रुपये वसूलने का मामला उजागर हुआ है. मंदिर प्रशासक की औचक जांच, पुलिस की कार्रवाई और कलेक्टर के बयान पर पूरी रिपोर्ट पढ़ें…

उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से ठगी और अवैध वसूली का एक गंभीर मामला सामने आया है. मंदिर की ‘भस्म आरती’ के नाम पर कुछ श्रद्धालुओं से तय शुल्क से कई गुना अधिक रकम वसूलने की शिकायतें मिल रही थीं. इस पर अंकुश लगाने के लिए मंदिर प्रशासन ने खुद जमीन पर उतरकर एक बड़ा औचक निरीक्षण किया और ठगी करने वाले सिंडिकेट पर एफआईआर दर्ज कराई है.

दरअसल, महाकाल मंदिर की भस्म आरती विश्व विख्यात है. जिसे देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं. मंदिर प्रशासन ने इसके लिए शुल्क और संख्या निर्धारित की हुई है.

विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल के मंदिर में हर दिन डेढ़ से दो लाख श्रद्धालु आते हैं. ऐसे में मंदिर में दर्शन पूजन के नाम पर ठगी के मामले भी समाने आते रहे हैं, जिन पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन और मंदिर समिति लगातार कार्य कर रही है.

आधी रात को खुद जांच करने पहुंचे प्रशासक

शुक्रवार तड़के मंदिर प्रशासक सह अपर कलेक्टर प्रथम कौशिक स्वयं श्रद्धालुओं की भस्म आरती व्यवस्था का निरीक्षण करने निकले. महाकाल मंदिर में हर दिन लगभग ढाई हजार श्रद्धालु भस्म आरती देख सकते हैं.

इन श्रद्धालुओं को इसके लिए ऑन लाइन और ऑफ लाइन 200 रुपये का शुल्क देना होता है. लेकिन कई बार कथाकथित लोग अपने नाम पर टिकट लेकर उसे अधिक दाम में बेच देते हैं. ऐसे ही मामलों की जांच करने के लिए समय समय पर चेकिंग की जाती है.

शुक्रवार को मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने मंदिर के अन्य अधिकारी कर्मचारियों के साथ भस्म आरती व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया. मंदिर के नीलकंठ द्वार से प्रवेश कर मानसरोवर मार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं की भस्म आरती के लिए जारी अनुमति की जांच की गई और श्रद्धालुओं से भस्म आरती व्यवस्था के संबंध में फीडबैक भी लिया गया.

3 श्रद्धालुओं से वसूले गए 7500 रुपये

जांच के दौरान तीन श्रद्धालुओं द्वारा भस्म आरती अनुमति के नाम पर अतिरिक्त राशि वसूले जाने की शिकायत की गई. शिकायतकर्ताओं ने बताया गया कि उनसे ₹2500 प्रति व्यक्ति लेकर अनुमति बनवाई गई थी. मामले में रात्रि में ही महाकाल थाना में शिकायत दर्ज की गई, जिस पर महाकाल थाना पुलिस द्वारा वैधानिक कार्रवाई की जा रही है.

मंदिर में ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति

श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति के अध्यक्ष और उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने बताया कि मंदिर में जीरो टॉलरेंस नीति पर कार्य किया जाता है. ये एक रूटीन चेकिंग थी. थर्ड पार्टी के माध्यम से जानकारी मिली थी कि अतिरिक्त शुल्क लेकर श्रद्धालुओं को भस्म आरती में भेजा जा रहा है, जिसके लिए जाल बिछाकर ये कार्रवाई की गई. मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.

कलेक्टर ने बताया कि आगे भी इस प्रकार की जांच प्रक्रिया जारी रहेगी. कलेक्टर और मंरि समिति के अध्यक्ष ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि महाकालेश्वर मंदिर की जो आधिकारिक वेबसाइट है, उस पर सारी सेवाएं और सूचनाएं उपलब्ध हैं. श्रद्धालु उसी वेबसाइट का उपयोग करें और किसी बाहरी व्यक्ति के बहकावे में न आएं.

गौरतलब है कि इसके पहले दिसम्बर 2024 में नजदीक से दर्शन कराने और भस्मआरती में पैसा लेकर प्रवेश देने के मामले में उज्जैन के तात्कालीन कलेक्टर और मंदिर अध्यक्ष नीरज सिंह ने भी कार्रवाई की थी. उस समय दर्जनभर लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया था, जिसमें मंदिर कर्मचारियों के साथ साथ बाहरी लोग भी शामिल थे.

इसके अलावा, बीच-बीच में भी भ्द्धालुओं के साथ भस्मारती कराने के नाम पर ठगी के कई मामले सामने आ चुके हैं, जिसे लेकर एक बार फिर से मंदिर समिति ने इस तरह की कार्रवाई कर ये स्पष्ट कर दिया है कि मंदिर में इस तरह की गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी.

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