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राष्ट्र सर्वोपरि: पीएम मोदी की अपील पर स्वामी चक्रपाणि महाराज ने ठुकराया ऑस्ट्रेलिया संसद का आमंत्रण!

13वें ‘भारत गौरव सम्मान’ समारोह में शामिल होने से किया विनम्र इनकार; पर्यटक वीज़ा मंजूर होने के बाद भी देशहित में लिया बड़ा फैसला

नई दिल्ली, 4 जून 2026 : देशहित और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील को सर्वोपरि मानते हुए अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, जगद्गुरु सनातन सम्राट परम पूज्य स्वामी चक्रपाणि जी महाराज ने एक मिसाल पेश की है। स्वामी जी ने ऑस्ट्रेलिया की संसद में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित 13वें “भारत गौरव सम्मान” समारोह में सम्मिलित होने का आमंत्रण विनम्रतापूर्वक अस्वीकार कर दिया है।

संस्कृति युवा संस्था द्वारा जारी आधिकारिक आमंत्रण पत्र के अनुसार, यह भव्य अवॉर्ड समारोह आगामी 10 जून 2026 को ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य की संसद (Parliament of Victoria) के क्वीन हॉल में आयोजित होना तय था। इस ऐतिहासिक अवसर पर स्वामी चक्रपाणि जी महाराज को उनके राष्ट्रीय, सांस्कृतिक और सामाजिक योगदान के लिए “भारत गौरव सम्मान” से अलंकृत किया जाना था।

इस यात्रा के लिए ऑस्ट्रेलिया सरकार के गृह विभाग द्वारा आज, 4 जून 2026 को ही स्वामी जी का ऑस्ट्रेलियाई पर्यटक वीज़ा (Subclass 600) भी स्वीकृत कर दिया गया था। वीज़ा मिलने के बाद सिडनी और मेलबर्न प्रवास का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो चुका था, लेकिन स्वामी जी ने राष्ट्र प्रथम की भावना को चुना।
स्वामी चक्रपाणि जी महाराज ने अपने फैसले पर कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में जब माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने देशवासियों से विदेश यात्राओं को स्थगित करने और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने की अपील की है, तब एक जिम्मेदार संत होने के नाते उनका प्रथम कर्तव्य इस अपील का सम्मान करना है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी का स्मरण करते हुए कहा कि सच्ची देशभक्ति राष्ट्रीय नेतृत्व के प्रति त्याग और अनुशासन में है। स्वामी जी के इस साहसिक और अनुकरणीय निर्णय की संत समाज और वरिष्ठ राजनेताओं द्वारा जमकर सराहना की जा रही है।

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