भीनमाल, (मुकेश सोलंकी)। शहर में बीते दिनों देवासी समाज के एक युवक पर हुए बेरहमी से जानलेवा हमले के विरोध में गुरुवार को भीनमाल कस्बा पूरी तरह बंद रहा। घटना को लेकर सर्वसमाज और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। कानून-व्यवस्था की बदहाली और आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज व्यापारियों ने सुबह से ही अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। बंद को सफल बनाने में विभिन्न व्यापारिक संगठनों ने सक्रिय सहयोग दिया। दोपहर तक शहर के मुख्य बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा और आवश्यक सेवाओं को छोड़कर अन्य सभी व्यावसायिक गतिविधियां पूरी तरह ठप रहीं।
उपखंड अधिकारी कार्यालय के बाहर भारी प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
आक्रोशित नागरिक, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि और अग्रज नेता बड़ी संख्या में उपखंड अधिकारी कार्यालय के आगे एकत्रित हुए । प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक ढिलाई के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दोपहर तक कार्यालय के मुख्य द्वार के सामने धरने पर बैठ गए। आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ पुजा सक्सेना एवं उपखंड अधिकारी मोहित कासनियां को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों को अविलंब सलाखों के पीछे भेजने की पुरजोर मांग की।
मामले की जांच के लिए SIT का गठनः पूर्व विधायक पूराराम चौधरी
धरनास्थल पर जनता के बीच पहुंचे पूर्व विधायक पूराराम चौधरी ने भीड़ को संबोधित करते हुए एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि इस संवेदनशील मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया गया है। फरार आरोपियों को दबोचने के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पूर्व विधायक ने जनता को भरोसा दिलाया कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में यह भी कहा कि अगर पुलिसिया कार्रवाई में ढील दी गई, तो जनता दोबारा सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी।
“अन्याय के खिलाफ भीनमाल एकजुट, अपराधियों को नहीं करेंगे बर्दाश्त”
पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष सांवलाराम देवासी ने कहा कि भीनमाल की धरती अपराधियों को कभी पनाह नहीं देती। दोषियों को यह साफ समझ लेना चाहिए कि यहाँ की जनता अन्याय के खिलाफ एक जाजम पर खड़ी है। उन्होंने क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए सख्त कानून व्यवस्था लागू करने की मांग की। संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष नरेश अग्रवाल ने बंद को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के लिए सभी व्यापारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दिनदहाड़े किसी व्यक्ति को गाड़ी से कुचलने या हमला करने का प्रयास बेहद चिंताजनक और निंदनीय है, जो शहर की शांति भंग कर रहा है । रमेश राजपुरोहित ने कहा कि धरने और बंद में उमड़ी यह अभूतपूर्व भीड़ इस बात का प्रमाण है कि आमजन के सब्र का बांध अब टूट चुका है । समाजसेवी शेखर व्यास ने मांग उठाई कि प्रशासन को मंच पर आकर अब तक की प्रोग्रेस रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए, ताकि जनता में विश्वास बहाल हो सके। भरतसिंह भोजानी ने इस घटना को भीनमाल के इतिहास पर एक गंभीर धब्बा बताते हुए कहा कि शहरवासी ऐसी गुंडागर्दी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।
सर्व समाज की एकजुटता बनी चर्चा का विषय
धरना एवं बंद के दौरान समाज सेवी प्रेमाराम बंजारा, जयरूपाराम माली, नरेश सुखाड़िया, भोपाल सिंह दुधवा, संदीप देसाई, महेंद्र सोलंकी, भाजपा नेता सुरेश बंजारा, पारस मोदी, ओमप्रकाश माहेश्वरी, श्रवणसिंह राव, डॉ. रमेश देवासी, रमेश राजपुरोहित, सीपी सोनी, पूनमाराम मोदी, देवाराम चौहान, भाजपा नगर अध्यक्ष प्रवीण एम दवे, महादेवाराम घांची, गोपाल वैष्णव, जोगाराम चौधरी,अशोक धारीवाल, नारायणलाल जांगिड़, दिनेश भाटी, भगवानदास राठी, नानजीराम देवासी, दिनेश सोनी चाटवाड़ा, बिंजलाराम देवासी, जोगाराम देवासी, कपूराराम जीनगर, सहित बड़ी संख्या में सर्व समाज के लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा और अपराधियों की गिरफ्तारी तक आंदोलन किसी भी कीमत पर नहीं रुकेगा।
डीएसपी और सीआई ने संभाला मोर्चा, आश्वासन के बाद खुला धरना
मामले की गंभीरता और बढ़ते जनआक्रोश को देखते हुए पुलिस उप अधीक्षक शंकरलाल मसूरिया और थानाधिकारी राजेंद्रसिंह राजपुरोहित दलबल के साथ धरनास्थल पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों के बीच जाकर अब तक की गई तफ्तीश, दबिश और पुलिसिया कार्रवाई का पूरा ब्योरा साझा किया। अधिकारियों ने जनता को आश्वस्त किया कि मुख्य आरोपी पुलिस के रडार पर हैं और उन्हें बहुत जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से ठोस एवं लिखित आश्वासन मिलने के बाद नेताओं और प्रदर्शनकारियों ने सर्वसम्मति से धरना समाप्त करने की घोषणा की। हालांकि, कस्बे में एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात है।

