राज्यव्यापी अभियान में सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता, फर्जी दस्तावेजों और स्थानीय नेटवर्क की जांच तेज
अहमदाबाद। गुजरात पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा संयुक्त रूप से चलाए गए विशेष अभियान ‘ऑपरेशन डेल्टा’ के तहत अहमदाबाद शहर से 166 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है। प्रारंभिक जांच में इन लोगों के भारत में अवैध रूप से निवास करने की आशंका जताई गई है। सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों को सूचना मिली थी कि अहमदाबाद के कुछ इलाकों में बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे हैं।
इसके बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए शहर के विभिन्न संदिग्ध इलाकों, झुग्गी बस्तियों और निर्माण स्थलों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। अभियान के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों के दस्तावेजों की जांच की गई। जांच में 166 लोगों के पास भारत में वैध निवास से संबंधित आवश्यक दस्तावेज नहीं पाए जाने का दावा किया गया, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई। जांच एजेंसियों के अनुसार, कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से स्थानीय एजेंटों की मदद से फर्जी पहचान दस्तावेज तैयार करवाने के संकेत भी मिले हैं। इस पहलू को ध्यान में रखते हुए पुलिस अब दस्तावेज तैयार करने वाले नेटवर्क और संबंधित एजेंटों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि अभियान के बाद अब यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इन लोगों को सीमा पार कराने, गुजरात तक पहुंचाने और यहां बसाने में किन-किन व्यक्तियों या गिरोहों की भूमिका रही है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। वहीं, इतनी बड़ी संख्या में लोगों के पकड़े जाने के बाद स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था और पहचान सत्यापन प्रणाली को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल सभी हिरासत में लिए गए लोगों के दस्तावेजों की विस्तृत जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है।

