वाडिनार में हाई-टेक शिप रिपेयर फैसिलिटी को भी मंजूरी: हजारों युवाओं के लिए रोजगार के दरवाजे खुलेंगे
गांधीनगर/दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने तीन बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी है, जो गुजरात के विकास को रॉकेट बूस्ट देंगे। गुजरात अब न केवल भारत का बल्कि दुनिया का ‘सेमीकंडक्टर हब’ बनने की ओर मजबूत कदम बढ़ा रहा है। कैबिनेट ने राज्य में दो और नए सेमीकंडक्टर प्लांट और वाडिनार में एक मॉडर्न शिप रिपेयर फैसिलिटी बनाने की घोषणा की है।
सेमीकंडक्टर में गुजरात का ‘सुपर सिक्स’
पहले के माइक्रोन और टाटा प्रोजेक्ट्स के बाद, गुजरात अब दो और सेमीकंडक्टर प्लांट्स को मंजूरी देकर इस सेक्टर में मोनोपॉली बनाने जा रहा है।
प्लांट्स की खास बातें: इन प्लांट्स में मॉडर्न चिप डिजाइनिंग और पैकेजिंग का काम किया जाएगा। इन्वेस्टमेंट: इन प्रोजेक्ट्स में करोड़ों रुपये इन्वेस्ट किए जाएंगे, जिससे गुजरात की इकॉनमी नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगी।
रोज़गार: इन प्लांट्स के शुरू होने से IT और इंजीनियरिंग सेक्टर के हज़ारों युवाओं को घर बैठे हाई-प्रोफ़ाइल जॉब्स मिलेंगी।
वाडिनार: शिप रिपेयरिंग का नया पता
कैबिनेट ने देवभूमि द्वारका के वाडिनार में शिप रिपेयरिंग फैसिलिटी को भी मंज़ूरी दे दी है।
1 अभी तक बड़े जहाजों को रिपेयर के लिए विदेश जाना पड़ता था, अब यह काम वाडिनार में होगा।
2 इस फैसिलिटी से ब्लू इकॉनमी को बढ़ावा मिलेगा और तटीय इलाकों का चौतरफा विकास होगा।
3 शिपिंग इंडस्ट्री में गुजरात का दबदबा और मज़बूत होगा।
गुजरात को मोदी सरकार का बड़ा तोहफ़ा
इस मंज़ूरी के बाद मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने प्रधानमंत्री का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि गुजरात ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ कैंपेन को लीड कर रहा है। जिस तरह से गुजरात सेमीकंडक्टर सेक्टर में आगे बढ़ रहा है, आने वाले समय में दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां गुजरात में अपनी लाइनें लगाएंगी।
सही एनालिसिस
जब दुनिया चीन पर अपनी निर्भरता कम करना चाहती है, तो भारत और खासकर गुजरात सेमीकंडक्टर सेक्टर में एक मजबूत विकल्प के तौर पर उभरा है। मोदी कैबिनेट का यह फैसला न सिर्फ इंडस्ट्री के लिए, बल्कि स्ट्रेटेजिक नजरिए से भी भारत के लिए गेम चेंजर साबित होगा।
रिपोर्ट: बिजनेस डेस्क, पक्को गुजरात

