नई दिल्ली | विशेष संवाददाता : पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनाव के नतीजों ने देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। चुनावी परिणामों के बाद अब बयानों के तीखे तीर चलने शुरू हो गए हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इन नतीजों पर अपनी पहली और कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे जनता के जनादेश का अपमान करार दिया है। राहुल गांधी ने सीधे तौर पर इन परिणामों को ‘चुनावी चोरी’ (Election Theft) की संज्ञा दी है।
“संस्थाओं का हुआ दुरुपयोग”
राहुल गांधी ने नतीजों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह जीत लोकतंत्र की जीत नहीं, बल्कि मशीनरी और धनबल का दुरुपयोग है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह के नतीजे सामने आए हैं, वे जमीनी हकीकत और जनता की भावनाओं से मेल नहीं खाते।
“यह चुनाव निष्पक्ष नहीं थे। इसे जनादेश कहना गलत होगा, यह स्पष्ट रूप से ‘चुनावी चोरी’ है। हम इस हार से डरने वाले नहीं हैं, बल्कि सच्चाई के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।” : राहुल गांधी, विपक्ष के नेता (लोकसभा)
विपक्ष ने घेरा, सरकार पर साधा निशाना
राहुल गांधी के इस बयान के बाद सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का मानना है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान कई विसंगतियां थीं, जिसे लेकर वे अब जनता के बीच जाने की योजना बना रहे हैं। राहुल गांधी ने असम और बंगाल के कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि यह संघर्ष लंबा है और हम संविधान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।
भाजपा का पलटवार: “हार स्वीकार करना सीखें राहुल”
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने राहुल गांधी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। भाजपा प्रवक्ताओं का कहना है कि जब कांग्रेस जीतती है तो चुनाव प्रक्रिया सही होती है, लेकिन हारते ही ‘चुनावी चोरी’ जैसे शब्द इस्तेमाल किए जाने लगते हैं। भाजपा ने इसे हार की हताशा बताया है।

