राजनांदगांव छत्तीसगढ़ : पत्रकारों के अंतरराष्ट्रीय संगठन आईंरा इंटरनेशनल रिपोर्टर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत वर्मा ने केंद्र शासन एवं राज्य शासन से मांग किया है कि पत्रकारों की अधिकृत पहचान जारी करें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता संविधान में निहित धारा के अंतर्गत ही पत्रकार कम कर रहे हैं उन्हें अलग से विशेष अधिकार प्राप्त नहीं हुआ है दूसरी तरफ पत्रकारों की पहचान को लेकर पूरे देश भर में संकट का दौर चल रहा है पत्रकार कौन है कौन पत्रकार नहीं है
इसकी परिभाषा भी अब तक तय नहीं हो पाई है यही कारण है कि फॉर्चून की दुकान की तरह पत्रकार और पत्रकारिता हो गई है कुछ लोग अपने काले कारनामों को दबाने के लिए पत्रकारिता का चोला ओढ़े हुए हैं तो कुछ माफिया लोग दो नंबर के काम करते हुए पत्रकारिता का तमगा लगाए हुए कुछ लोग सिर्फ पत्रकारता के नाम पर आरटीआई सूचना का अधिकार ही लगा रहे हैं कुछ लोग तो सिर्फ अपनी बड़ी-बड़ी गाड़ियों में प्रेस लिखे जाने की वजह से पत्रकारता से जुड़े हैं शासन प्रशासन को चाहिए कि इस पर गंभीरता से चिंतन मनन करे दूसरी ओर पत्रकार संगठन भी अपने अधिकृत पत्रकारों की सूची जारी करें विभिन्न प्रेस क्लब भी अपने पत्रकारों की अधिकृत सूची जारी करें ब्लॉक स्तर पर स्थानीय अधिकारी पत्रकारों की अधिकृत सूची जारी करें केंद्र सरकार ने पत्रकारों की बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए एक मसौदा तैयार किया है हालांकि देश भर में संभावित विरोध के चलते हुए मोदी सरकार ने इस पत्रकार संशोधित कानून ड्राफ्ट को फिलहाल पेंडिंग में रखा है लेकिन आने वाले समय में इस कानून के पूरा हो जाने से पत्रकारता पर जो संकट के बादल छाए हुए हैं वह हटने के आसर है

