Homeआर्टिकलमहानगर मेट्रो : विशेष खोजी रिपोर्ट : जिनालयों पर 'जगत' गिरोह का...

महानगर मेट्रो : विशेष खोजी रिपोर्ट : जिनालयों पर ‘जगत’ गिरोह का हमला : आस्था के केंद्र या फिरौती के अड्डे? जैन समाज को डराने वाले ‘हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग सिंडिकेट’ का काला चिट्ठा!

न्यूज डेस्क – अहमदाबाद/सूरत : प्रस्तावना : अहिंसा और परोपकार का संदेश देने वाला जैन समाज आज उन ‘दीमकों’ के निशाने पर है जो धर्म की आड़ में अधर्म का धंधा चला रहे हैं। जो समाज अपनी मेहनत की कमाई का बड़ा हिस्सा जिनालयों और जनकल्याण के लिए दान कर देता है, उसी समाज की आस्था को अब बंधक बनाने की साजिश रची जा रही है। महानगर मेट्रो आज पर्दाफाश कर रहा है उस गिरोह का, जिसका काम भक्ति नहीं, बल्कि ‘भय’ बेचकर करोड़ों की फिरौती वसूलना है।

मुख्य खबर: आस्था के रक्षक या फिरौती के भक्षक?

सूत्रों और हालिया घटनाओं के अनुसार, गुजरात में एक ऐसा आपराधिक गिरोह सक्रिय है जो जैन संघों और जिनालयों के निर्माण को अपना ‘सॉफ्ट टारगेट’ बनाता है। इनका काम करने का तरीका (Modus Operandi) रूह कंपा देने वाला है:

1 अवरोध पैदा करना: जहां भी भव्य जिनालय का निर्माण होता है, यह गिरोह अवैध निर्माण के नाम पर शिकायतें दर्ज कराता है।
2 हनीट्रैप का जाल: समाज के प्रतिष्ठित लोगों को फंसाने के लिए कथित तौर पर हनीट्रैप गिरोह का सहारा लिया जाता है।
3 फिरौती का खेल: शिकायतों को वापस लेने और बदनामी न करने के बदले करोड़ों रुपये की ‘सेटलमेंट’ डिमांड की जाती है।

कौन है इस काले साम्राज्य का ‘सरगना’?

इस गिरोह के तार सीधे तौर पर अहमदाबाद में बैठे जगत पारेख से जुड़ते नजर आ रहे हैं। जगत पारेख, जिसकी मानसिकता पूरी तरह आपराधिक है और जिस पर पहले से ही कई पुलिस केस दर्ज हैं, इस पूरे सिंडिकेट का संचालन कर रहा है। इसके साथ हार्दिक हुडिया और विक्रम बाफना जैसे चेहरे जुड़े हैं, जो धर्म की आड़ में डकैती का काम कर रहे हैं। सूरत के वसु जैन जिनालय में भी इन्होंने यही दांव खेला था, लेकिन जैन समाज की एकजुटता ने इनके मंसूबों को धूल चटा दी।

महानगर मेट्रो के ‘घातक’ सवाल

जगत पारेख और उसकी टोली से सवाल: क्या भगवान महावीर के शासन में ‘फिरौती’ का धंधा चलेगा? क्या समाज का दान अब तुम जैसे अपराधियों की जेब में जाएगा?
पुलिस और सरकार से सवाल: एक घोषित अपराधी खुलेआम धार्मिक संस्थाओं को निशाना बना रहा है, फिर भी प्रशासन की चुप्पी का मतलब क्या है? क्या किसी बड़े कांड का इंतजार किया जा रहा है?
जैन समाज से अपील: कब तक डरकर इन अपराधियों को फिरौती देते रहेंगे? क्या हमारी एकजुटता इन गुंडों से कमजोर है?

संपादकीय टिप्पणी : महावीर का न्याय और समाज का आक्रोश

भगवान महावीर ने ‘जियो और जीने दो’ का संदेश दिया था, लेकिन इन राक्षसी प्रवृत्ति वाले लोगों ने ‘लूटो और डराओ’ को अपना मंत्र बना लिया है। याद रहे, आस्था के केंद्र को अपवित्र करने वालों को ईश्वर का श्राप और कानून की सलाखें, दोनों का सामना करना पड़ेगा। इस गिरोह का काला चिट्ठा खुल चुका है और अब इनके अंत की शुरुआत है।

सरकार और गृह विभाग को सीधा संदेश!

महानगर मेट्रो मांग करता है कि जगत पारेख और उसके सहयोगियों के खिलाफ ‘गुंडा एक्ट’ के तहत कार्रवाई की जाए। धार्मिक स्थलों के निर्माण में बाधा डालकर फिरौती मांगने वाले इन तत्वों का सामाजिक बहिष्कार अनिवार्य है।

संदेश:

यह खबर केवल जानकारी नहीं, एक चेतावनी है। जैन समाज की चुप्पी को कमजोरी न समझें। महानगर मेट्रो इस गिरोह के हर एक मोहरे का पर्दाफाश करना जारी रखेगा।

पवन माकन (फाउंडिंग ग्रुप एडिटर)

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments