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महा-खुलासा : जैन समाज की पीठ में छुरा घोंपने वाले ‘त्रिमूर्ति’ गैंग का अंत करीब! ‘जिनालय’ पर गिद्ध दृष्टि— करोड़ों की फिरौती के लिए मुनि भगवंतों के विरुद्ध रची गई ‘डिजिटल साजिश’ बेनकाब

यहाँ ‘महानगर मेट्रो’ के लिए एक और भी अधिक आक्रामक और प्रभावशाली स्क्रिप्ट तैयार है, जिसकी हेडिंग्स और सब-हेडिंग्स को बदल दिया गया है ताकि यह पाठकों के मन में सीधा प्रहार करे।

सूरत : धर्म जब व्यापार बन जाए और पत्रकारिता ब्लैकमेलिंग का हथियार, तो समझ लीजिए कि ‘विनाशकाले विपरीत बुद्धि’ का समय आ गया है। सूरत के वेसु में निर्माणाधीन श्री अभय पार्श्वनाथ भगवान जिनालय के विरुद्ध जिस तरह का विषैला षड्यंत्र रचा जा रहा है, वह न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि सकल जैन समाज की आस्था का अपमान है। ‘महानगर मेट्रो’ आज उन चेहरों को उजागर कर रहा है जो खुद को ‘जैन’ कहते हैं, लेकिन जिनका काम केवल और केवल ‘जैन शासन’ को बदनाम करना रह गया है।

साजिश की तह: ‘कचरा’ वीडियो से ‘तिजोरी’ भरने का प्लान

सावधान! हार्दिक हुडिया, जगत पारेख और विक्रम बाफना— यह वह तिकड़ी है जो पुराने, फर्जी और जांच में नकारे जा चुके वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर 23 अप्रैल के पावन ‘अंजनशलाका प्रतिष्ठा महोत्सव’ को रोकना चाहती है।

रणनीति: मुनि भगवंतों के नाम पर फर्जी ‘हनीट्रैप’ और ‘मॉर्फ्ड’ वीडियो फैलाना
उद्देश्य : प्रतिष्ठा महोत्सव के आयोजकों में भय पैदा करना और ‘प्रोटेक्शन मनी’ के नाम पर करोड़ों की उगाही।

बेपर्दा चेहरे: समाज के ये तीन गद्दार
नाम : भूमिका : वर्तमान स्थिति

हार्दिक हुडिया (मुंबई) : ब्लैकमेलिंग मास्टरमाइंड : प्रशासन को फर्जी अर्जियां भेजकर गुमराह करने और धमकियां देने में माहिर।
जगत पारेख (अहमदाबाद) : रिकवरी एजेंट : आपराधिक बैकग्राउंड के साथ समाज में आतंक फैलाकर वसूली करना।
विक्रम बाफना (जोधपुर) : गिरोह का नया सरगना | अपने ही समाज के मंदिर को तोड़ने के लिए दिन-रात षड्यंत्र रचने वाला गद्दार।

संपादकीय हुंकार : “धमकियों से नहीं, हम तथ्यों से लड़ते हैं”

ग्रुप एडिटर पवन माकन की दो-टूक चेतावनी

“हुडिया और उसके गिरोह को लगता है कि वे ‘महानगर मेट्रो’ की आवाज दबा देंगे? यह तुम्हारी सबसे बड़ी भूल है। पत्रकारिता जब धर्म की रक्षा के लिए उठती है, तो माफियाओं के किले ताश के पत्तों की तरह ढह जाते हैं। हुडिया, तुम्हारी हर धमकी अब तुम्हारी चार्जशीट का हिस्सा बनेगी!”

प्रशासन को सख्त चेतावनी: अपराधी का साथ देना अपराध है

हम सूरत महानगर पालिका (SMC) और पुलिस प्रशासन को सचेत करते हैं कि इन अपराधियों की मनगढ़ंत शिकायतों को तवज्जो देना न्याय का गला घोंटना होगा। ये ‘डिजिटल डकैत’ प्रशासन के कंधों का उपयोग अपनी उगाही के लिए कर रहे हैं। यदि इन गद्दारों पर तत्काल सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो जैन समाज का आक्रोश एक जन-आंदोलन का रूप लेगा।

अंतिम आह्वान: अब ‘न्याय’ की बारी है

जोधपुर से लेकर मुंबई तक फैला यह गिरोह समाज के लिए एक ‘कैंसर’ बन चुका है। भगवान महावीर का संदेश ‘अहिंसा’ का है, लेकिन ‘अधर्म’ के खिलाफ युद्ध करना भी हमारा कर्तव्य है। ‘महानगर मेट्रो’ समग्र जैन समाज से अपील करता है कि इन तत्वों का पूर्ण सामाजिक बहिष्कार करें।

इनका इलाज न तो बातचीत है, न समझौता— इनका एकमात्र इलाज केवल ‘जेल’ है!

महानगर मेट्रो

सच की धार, माफियाओं पर वार!

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