विद्या के धाम में ‘घोटाले’ का शोर: ABVP का उग्र प्रदर्शन, भ्रष्टाचार के आरोपों से थर्राया कैंपस; महानगर मेट्रो की विशेष रिपोर्ट
अहमदाबाद की प्रतिष्ठित गुजरात यूनिवर्सिटी सोमवार को रणक्षेत्र में तब्दील हो गई। यूनिवर्सिटी के विकास कार्यों में कथित रूप से हुए ₹34 करोड़ के भारी-भरकम भ्रष्टाचार को लेकर छात्र संगठन ABVP ने ऐसा जबरदस्त हंगामा मचाया कि कुलपति (VC) को अपनी सुरक्षित चेंबर छोड़कर बाहर निकलना पड़ा। शिक्षा के मंदिर में करोड़ों के इस कथित खेल ने पूरे राज्य के शैक्षणिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।
क्या है 34 करोड़ का यह ‘कन्फ्यूजन’?
मिली जानकारी के अनुसार, यूनिवर्सिटी में पिछले कुछ समय से चल रहे निर्माण कार्यों और विभिन्न प्रोजेक्ट्स में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। छात्र नेताओं का दावा है कि ₹34 करोड़ की भारी राशि का कोई ठोस हिसाब-किताब नहीं है। आरोप है कि फर्जी बिलों के जरिए जनता और छात्रों की मेहनत की कमाई को ठिकाने लगाया गया है। जब छात्र इन सबूतों के साथ कुलपति से जवाब मांगने पहुंचे, तो बहस ने उग्र रूप ले लिया।
‘कुलपति गो बैक’ के नारों से गूंजा परिसर
छात्रों का आक्रोश इतना तीव्र था कि पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा। जमकर नारेबाजी और धक्का-मुक्की के बीच कुलपति छात्रों के तीखे सवालों का सामना नहीं कर सके। स्थिति को बिगड़ता देख कुलपति ने चेंबर छोड़ना ही बेहतर समझा। प्रदर्शनकारी छात्रों का साफ कहना है कि जब तक इस घोटाले की उच्च स्तरीय जांच नहीं होती और दोषियों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा जाता, यह लड़ाई जारी रहेगी।
महानगर मेट्रो का सवाल: छात्रों की फीस का पैसा आखिर गया कहां?
मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चे अपनी मेहनत की कमाई से जो फीस भरते हैं, क्या वह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है? ₹34 करोड़ का यह आंकड़ा तो महज एक शुरुआत लग रहा है; अगर निष्पक्ष जांच हुई तो कई बड़े चेहरों के नकाब उतर सकते हैं। यूनिवर्सिटी प्रशासन की चुप्पी कई अनसुलझे सवाल खड़े कर रही है।
गुजरात यूनिवर्सिटी के इतिहास में यह घटना एक काले धब्बे की तरह है। अब देखना यह है कि राज्य सरकार इस मामले में जांच कमेटी का गठन करती है या फिर इस फाइल को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।
ब्यूरो रिपोर्ट: महानगर मेट्रो, अहमदाबाद

