मध्य प्रदेश के इंदौर में एबी रोड पर एक फूड डिलीवरी वर्कर का मोबाइल फोन लूटने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश एक रोडसाइड फूड स्टॉल पर बिरयानी खाने रुके थे और उन्होंने ऑनलाइन पेमेंट (UPI) किया था। इसी डिजिटल ट्रांजैक्शन और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई।
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक फूड डिलीवरी वर्कर से मोबाइल लूटने की गुत्थी को महज कुछ ही दिनों में सुलझा लिया है। इस मामले की सबसे दिलचस्प बात यह रही कि बदमाशों ने लूट के तुरंत बाद एक रोडसाइड ठेले पर बिरयानी खाने के दौरान डिजिटल पेमेंट (UPI) किया था, जो उनकी गिरफ्तारी का सबसे बड़ा सुराग साबित हुआ। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और साइबर टीम की मदद से दोनों आरोपियों को धर दबोचा है।
क्या था पूरा मामला और कैसे दिया वारदात को अंजाम?
यह घटना 7 अगस्त को तड़के करीब 2 बजे उस वक्त हुई जब सिंगापुर टाउनशिप में रहने वाले 24 वर्षीय हिम्मत सिंह जाटव अपनी मोटरसाइकिल से लोटस स्क्वायर से एलआईजी स्क्वायर की तरफ लौट रहे थे। हिम्मत पिछले दो साल से इंदौर में फूड डिलीवरी का काम कर रहे हैं। अपनी शिकायत में उन्होंने बताया कि जब वे गुरुद्वारे के पास पहुंचे, तो पीछे से एक ऑटो-रिक्शा आया जिसमें बैठे एकयुवक ने उन्हें गाली दी और जबरन रुकवाकर उनका मोबाइल फोन छीन लिया। इसके बाद ऑटो लोटस स्क्वायर की तरफ तेजी से भाग निकला। हिम्मत ने बाइक से उनका पीछा करने की कोशिश की, लेकिन बाइक स्टार्ट होने में वक्त लगने के कारण वे पकड़ नहीं सके। इसके बाद एमआईजी थाने में लूट का मामला दर्ज किया गया।
सीसीटीवी और टूटी लाइट ने ऐसे पकड़ी चाल
जांच अधिकारियों ने एबी रोड के दोनों तरफ के सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किए। फुटेज में ऑटो एलआईजी गुरुद्वारे के पास यू-टर्न लेकर विजय नगर की तरफ जाता हुआ दिखाई दिया। जांच के दौरान पुलिस ने नोटिस किया कि ऑटो की एक खास पहचान थी, उसके पिछले हिस्से में केवल एक ही ब्रेक लाइट काम कर रही थी। यही सिंगल ब्रेक लाइट हर लोकेशन के फुटेज में नजर आ रही थी। इसके बाद पुलिस ने रूट को रिवर्स ट्रैक करना शुरू किया और एक मोर्चे पर पाया कि ऑटो एक मस्जिद के पास से डायवर्ट होकर एलबीएस रोड की तरफ गया था।
पुलिस ने उस इलाके में पूछताछ की तो एक फूड वेंडर ने बताया कि रात में एक ऑटो रुका था जिसमें एक ड्राइवर और एक अन्य युवक-युवती सवार थे। उन्होंने वहां तीन प्लेट बिरयानी खाई और उज्जैन जाने की बात करते हुए रुके थे। उन्होंने खाने के 150 रुपये का भुगतान यूपीआई (UPI) के जरिए 400 रुपये करके किया था, जिसके बाद वेंडर ने उन्हें 250 रुपये नकद वापस लौटाए थे।
बदमाशों ने लूट के बाद रास्ते में रुककर खाई थी बिरयानी।
बिरयानी के भुगतान के लिए किए गए UPI ट्रांजैक्शन से मिला मोबाइल नंबर।
ऑटो के पिछले हिस्से की सिंगल ब्रेक लाइट से हुई उसकी पहचान।
पुलिस की साइबर टीम ने लोकेशन ट्रेस कर दोनों आरोपियों को दबोचा।
लूटा हुआ मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त ऑटो बरामद।

