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‘बेटे के स्कूल की फीस 9,00,000 रुपए और आपकी सैलरी 51 हजार रुपए’, ये कैसे? हाईकोर्ट ने माइनिंग अफसर का लिया हिसाब

ग्वालियर के बिलौआ क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई है। इस दौरान हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की है। साथ ही खनिज अधिकारी की सैलरी और बेटे के स्कूल फीस पर भी सवाल पूछा है।

हाइलाइट्स

ग्वालियर हाईकोर्ट में बिलौआ खनिज को लेकर हुई सुनवाई
हाईकोर्ट में मामले में की है तल्ख टिप्पणी
खनिज अधिकारी की सैलरी का भी लिया हिसाब
ईमानदार अधिकारी आने तक कलेक्टर को जिम्मेदारी संभालने कहा

ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित बिलौआ में अवैध खनन रोकने के दावों की कलई खुल गई है। खनन को लेकर बनवाए गए ड्रोन वीडियो से प्रशासन के दावों की परतें खुलने लगीं हैं। साथ ही ग्वालियर के प्रभारी माइनिंग अधिकारी की कमाई को लेकर भी हाईकोर्ट ने सवाल पूछ लिया है। हाईकोर्ट ने कलेक्टर से भी तीखे सवाल पूछे हैं।

कलेक्टर से पूछे सवाल

इस मामले की सुनवाई जस्टिस जीएस अहूलवालिया और जस्टिस अनुराधा शुक्ला कर रही थीं। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कलेक्टर रुचिका चौहान से पूछा कि इन रास्तों से ट्रक-डंपर निकल रहे हैं तो उनकी जांच के लिए चेक कहां है। खदान से कितना खनिज बाहर जा रहा, हिसाब कैसे रख रहे। मौके पर खनिज की मात्रा मापने के लिए वे-ब्रिज तक नहीं है।

मामले में कलेक्टर को वीडियो देखने को कहा

ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान मामले में स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाईं। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि जितना समय चाहिए ले लीजिए, लेकिन अगली सुनवाई में सटीक जवाब देना होगा। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह भी टिप्पणी की कि अगर किसी को खदान 10 साल की लीज पर मिला है और उसने एक साल में ही पूरा माल निकाल लिया तो अगले नौ साल क्या करेगा।

माइनिंग अधिकारी की सैलरी और बेटे का स्कूल फीस

कलेक्टर के बाद हाईकोर्ट का रुख प्रभारी खनिज अधिकाी पंकजध्वज मिश्रा की तरफ मुड़ा। इसके बाद कोर्ट ने उनसे सीधा सवाल किया कि सिंधिया स्कूल में फीस कितनी है। इस पर जवाब देते हुए माइनिंग अधिकारी ने कहा कि नौ लाख रुपए सलाना है। इसके बाद हाईकोर्ट ने पूछा कि आपकी सैलरी कितनी है तो उन्होंने कहा कि 51000 हजार रुपए हैं।

कोर्ट ने फीस के अंतर पर भी उठाए सवाल

इस दौरान कोर्ट ने माइनिंग अधिकारी की सैलरी और बेटे के स्कूल फीस के अंतर पर सवाल उठाए। सवाल उठने पर माइनिंग अधिकारी ने जवाब दिया कि बेटे की पढ़ाई का खर्च पत्नी के मामा उठाते हैं। इसको लेकर भी हाईकोर्ट ने टिप्पणी की है।

गौरतलब है कि ग्वालियर के माइनिंग अधिकारी पर हाईकोर्ट गंभीर सवाल खड़े करता रहा है। इससे पहले ग्वालियर के खनिज अधिकारी घनश्याम यादव को जिले में काम पर रोक लगा दिया था। तब भिंड से पंकजध्वज मिश्रा को जिम्मेदारी दी गई थी लेकिन इन पर भी सवाल उठ रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि ग्वालियर में तत्काल ईमानदार और सक्षम खनिज अधिकारी की पोस्टिंग की जाए, तब तक पूरे खनिज विभाग की जिम्मेदारी कलेक्टर संभालेंगे।

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