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हम तुम्हारे मालिक हैं, तुम हमारे गुलाम हो!’: सूरत सिविल में गुंडा गैंग की लीडर, ज़हरीली डॉ. दीक्षिता घेवरिया का आतंक, 7 साल में 4 सुसाइड!

सूरत के नए सिविल हॉस्पिटल में मेडिकल फील्ड को कलंकित करने वाली और इंसानियत को शर्मसार करने वाली बहुत ही सनसनीखेज बातें सामने आई हैं। पता चला है कि मरीजों की सेवा और मेडिकल की पढ़ाई कराने वाली इस जगह पर ‘गुंडा गैंग’ का भयानक टॉर्चर चल रहा है। गंभीर आरोप लगे हैं कि इस काले गैंग की मेन लीडर और ज़हरीली सोच वाली डॉ. दीक्षिता घेवरिया जूनियर डॉक्टरों और स्टूडेंट्स पर अमानवीय अत्याचार कर रही है। सबसे चौंकाने वाली सच्चाई यह है कि इस भयानक टॉर्चर और मानसिक पीड़ा के कारण पिछले 7 सालों में 4 लोग सुसाइड करके अपनी जान दे चुके हैं।

‘मैडम बुलाएं तो तुरंत आएं’: गुलामों जैसा बर्ताव!

सूरत सिविल हॉस्पिटल में चल रहे इस काले राज में डॉ. दीक्षिता घेवरिया जूनियर्स के साथ बहुत ही शर्मनाक बर्ताव करती थी। “हम तुम्हारे बॉस हैं और तुम हमारे गुलाम (गुलाम)” जैसी सोच के साथ, जूनियर डॉक्टरों का शोषण किया जाता था। ‘अगर मैडम आधी रात को भी बुलाएं तो तुरंत आना’ जैसे अनचाहे ऑर्डर देकर जूनियर्स को लगातार मानसिक रूप से तोड़ा जाता था। काम के घंटों के बाद भी उनका शारीरिक और मानसिक शोषण इस गैंग का रोज़ का काम बन गया था।

7 साल में 4 होनहार जिंदगियां जलीं: सिस्टम चुप क्यों रहा?

यह कोई आम रैगिंग का मामला नहीं है, बल्कि सिस्टम द्वारा की गई मानसिक हत्याओं का मामला है। डॉ. दीक्षिता घेवरिया और उसके गुंडे गैंग के अमानवीय टॉर्चर से तंग आकर पिछले सात सालों में 4 होनहार और होनहार मेडिकल स्टूडेंट्स ने आत्महत्या जैसा आखिरी कदम उठाया है। लेकिन, हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन, एंटी-रैगिंग कमेटी और संबंधित डिपार्टमेंट के अधिकारी चुप रहे। क्या इस काले गैंग को पॉलिटिकल या एडमिनिस्ट्रेटिव सपोर्ट मिला था?

महानगर मेट्रो का सीधा सवाल: डॉ. दीक्षिता घेवरिया को जेल कब होगी?

चार होनहार नौजवानों की जान लेने के बाद भी अगर यह ज़हरीली डॉक्टर खुलेआम घूम रही है, तो यह कानून और व्यवस्था पर एक बड़ा काला धब्बा है।

महानगर मेट्रो न्यूज़ सिस्टम को सीधी चुनौती देता है:

डॉ. दीक्षिता घेवरिया और उसके गैंग के खिलाफ, जो चार आत्महत्याओं के लिए ज़िम्मेदार हैं, गैर-इरादतन हत्या का केस तुरंत क्यों नहीं दर्ज किया जाता?
क्या मेडिकल कॉलेज और सिविल एडमिनिस्ट्रेशन इस भयानक रैकेट को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं?
क्या ऐसे ज़हरीले डॉक्टर का मेडिकल लाइसेंस रद्द करके उसे तुरंत सलाखों के पीछे डाला जाएगा?

महानगर मेट्रो न्यूज़ सूरत सिविल के इस काले साम्राज्य को खत्म करने और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए इस मुद्दे को उठाता रहेगा।

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