नर्मदा/अहमदाबाद: गुजरात की राजनीति के सबसे चर्चित और ज्वलंत मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के फायरब्रांड MLA चैतर वसावा को फिलहाल सलाखों के पीछे ही रहना होगा। चैतर वसावा की बेल एप्लीकेशन पर आज भी कोई आखिरी फैसला नहीं हुआ है। कोर्ट में घंटों तक चली गरमागरम बहस और कानूनी लड़ाई के बाद अब इस मामले में 24 अगस्त को एक और सुनवाई होगी।
गौरतलब है कि इससे पहले कोर्ट में 5 अगस्त, फिर 7 अगस्त और फिर 10 अगस्त को गरमागरम सुनवाई हुई थी। आज कोर्ट में दोनों पक्षों के अनुभवी वकीलों के बीच 2 घंटे से ज़्यादा समय तक कड़ी और तीखी बहस का सिलसिला चला। सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने तीखा हमला बोला और कोर्ट के सामने साफ शब्दों में दलील दी कि, “लोगों द्वारा चुने गए MLA के तौर पर चैतर वसावा लोगों की जितनी चाहें मदद कर सकते हैं, लेकिन वह कानून अपने हाथ में नहीं ले सकते।” इसके अलावा, सरकारी पक्ष ने चैतर वसावा की क्रिमिनल हिस्ट्री पेश की और कड़ा हमला बोला कि वह पहले भी कई गंभीर मामलों में जेल की हवा खा चुका है, इसलिए वह बेल के लायक नहीं है। अब पूरे गुजरात की निगाहें 24 अगस्त को होने वाली हाई-वोल्टेज सुनवाई पर टिकी हैं। एक तरफ सरकारी पक्ष ने उसे जेल में रखने के लिए पूरी ताकत लगा दी है, वहीं दूसरी तरफ उसके समर्थक अंतरिम न्याय का इंतजार कर रहे हैं। देखना यह है कि क्या चैतर वसावा को 24 अगस्त को जेल से रिहा होने के लिए बेल मिलेगी या उसकी मुश्किलें और बढ़ेंगी?

