सुल्तानपुर के बीजेपी विधायक पर अब पूर्व ब्लॉक प्रमुख मोनू सिंह ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विनोद सिंह उनको मारने की साजिश रच रहे हैं।
सुल्तानपुर: उत्तर प्रदेश की राजनीति में सुल्तानपुर का नाम एक बार फिर गर्मा गया है। धनपतगंज के पूर्व ब्लॉक प्रमुख यशभद्र सिंह उर्फ ‘ मोनू सिंह ‘ ने BJP के विधायक विनोद सिंह पर खुद की और अपने भाई (पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह उर्फ सोनू सिंह ) की हत्या की साजिश रचने का बेहद गंभीर आरोप लगाया है।
सोमवार को पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपते हुए मोनू सिंह ने एक वायरल ऑडियो क्लिप का हवाला दिया और मामले की फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की है।
‘2014 से चिल्ला रहे हैं’
पत्रकारों से बातचीत के दौरान मोनू सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी जान को विनोद सिंह से लगातार खतरा बना हुआ है। हम 2014 से लगातार चिल्ला रहे हैं कि हमारे ऊपर हमला होगा और इसके पीछे विधायक विनोद सिंह का हाथ है। वे हमारी हत्या कराने के लिए जेल में माफिया मुन्ना बजरंगी तक से मिलने गए थे। अब उनका एक ऑडियो सामने आया है, जिसमे इस साजिश की बात की जा रही है।”
वायरल ऑडियो से मचा हड़कंप
मोनू सिंह के अनुसार, 6 अगस्त को सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हुआ। आरोप है कि इस ऑडियो में विधायक विनोद सिंह एक महिला से बात करते हुए सोनू-मोनू दोनों भाइयों को खत्म करने और मर्डर कराने की धमकी दे रहे हैं।
पेन ड्राइव में दी रिकॉर्डिंग: मोनू सिंह ने इस ऑडियो क्लिप को पेन ड्राइव में रखकर पुलिस अधीक्षक को सौंपा है।
फॉरेंसिक जांच की मांग: उन्होंने मांग की है कि ऑडियो की सत्यता जांचने के लिए इसे विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) भेजा जाए।
’वॉइस सैंपल दें विधायक’: मोनू सिंह ने चुनौती दी कि यदि विधायक इसे ‘AI-जनरेटेड’ या फर्जी बताते हैं, तो वे अपना वॉइस सैंपल (Voice Sample) देकर जांच में सहयोग करें। निर्दोष साबित होने पर ही वायरल करने वालों पर कार्रवाई हो, वरना विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।
पुराने हमलों का दिया हवाला
अपनी शिकायत में पूर्व ब्लॉक प्रमुख ने बताया कि उन पर और उनके परिवार पर पहले भी कई जानलेवा हमले हो चुके हैं। उन्होंने प्रयागराज कोर्ट परिसर में हुए हमले और 9 जुलाई 2024 को अयोध्या कोर्ट में हुई हिंसा का भी जिक्र किया है।
सीओ सिटी को सौंपी गई जांच
एसपी चारू निगम ने बताया कि मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच सीओ सिटी को सौंप दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के आधार पर नियमानुसार आगे की विधिक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

