कर्मचारियों से अपने खर्चे पर सरकारी काम करवाने की पॉलिसी के खिलाफ बगावत: हेल्थ वर्कर्स महामंडल के जनरल सेक्रेटरी मंदीप ब्रह्मभट्ट की अगुवाई में एडमिनिस्ट्रेशन के खिलाफ जमकर विरोध
खेड़ा जिले के हेल्थ डिपार्टमेंट के कर्मचारियों पर एडमिनिस्ट्रेशन के एकतरफा और गलत ऑर्डर के खिलाफ बड़ा विरोध शुरू हो गया है। हेल्थ वर्कर्स को अपने पर्सनल (प्राइवेट) मोबाइल फोन पर ‘टेको’ ऐप के जरिए जरूरी लाइव ट्रैकिंग करने और मौके से फोटो अपलोड करने का ऑर्डर दिया गया है, जिससे कर्मचारियों में काफी गुस्सा है। एडमिनिस्ट्रेशन के इस शोषण वाले फैसले के खिलाफ हेल्थ वर्कर्स पूरे देश में लड़ाई के मूड में आ गए हैं।
पर्सनल मोबाइल पर ट्रैकिंग और डेटा प्राइवेसी के खिलाफ बड़ा सवाल
हेल्थ वर्कर्स के मुताबिक, सरकार की तरफ से काम के लिए कोई सरकारी इक्विपमेंट या इंटरनेट अलाउंस नहीं दिया जाता है। लेकिन, उन्हें अपने खर्चे पर अपने पर्सनल मोबाइल और इंटरनेट का इस्तेमाल करके सरकारी काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इतना ही नहीं, प्राइवेट मोबाइल पर लाइव ट्रैकिंग और फोटो अपलोड करने के आदेश ने कर्मचारियों की पर्सनल सिक्योरिटी और प्राइवेसी पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जनरल सेक्रेटरी मंदीप ब्रह्मभट्ट के नेतृत्व में एडमिनिस्ट्रेशन का घेराव किया गया
इस गलत आदेश के विरोध में गुजरात स्टेट हेल्थ वर्कर्स फेडरेशन के जनरल सेक्रेटरी मंदीप ब्रह्मभट्ट के नेतृत्व में इकट्ठा हुए कर्मचारियों ने एडमिनिस्ट्रेशन और बड़े अधिकारियों के सामने कड़ा विरोध जताया। मंदीप ब्रह्मभट्ट ने साफ कहा कि अगर सरकार और एडमिनिस्ट्रेशन कर्मचारियों से डिजिटल काम करवाना चाहते हैं, तो उन्हें पहले सरकारी मोबाइल, टैबलेट और इंटरनेट की सुविधा दें। कर्मचारियों के प्राइवेट डिवाइस का इस तरह गलत इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अगर इस मसले का हल नहीं निकला तो आंदोलन और उग्र होगा। हेल्थ वर्कर्स ने एडमिनिस्ट्रेशन को आखिरी धमकी देते हुए कहा है कि जब तक सरकारी उपकरण नहीं दिए जाते, तब तक प्राइवेट मोबाइल में ‘टेकहो’ ऐप के जरिए होने वाले इन सभी ऑपरेशन का बायकॉट किया जाएगा। अगर यह आदेश तुरंत वापस नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में खेड़ा जिले समेत पूरे राज्य में हेल्थ सर्विस ठप करके उग्र आंदोलन किया जाएगा।

