डभोई/वडोदरा : एक तरफ सरकार ‘स्मार्ट गांव’ बनाने और ग्रामीण इलाकों में पक्की सड़कें और पुल बनाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ वडोदरा जिले के डभोई तालुका के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले गोजली गांव में प्रशासन की बेपरवाही सामने आई है। गांव से गुजरने वाली नदी पर कोई पक्का पुल या नाला न होने से यह कच्ची सड़क अब स्थानीय किसानों और श्रद्धालुओं के लिए सिरदर्द और डर का सबब बन गई है।
जनता ने खुद बनाया नाला, अब कटाव का बड़ा खतरा!
सालों से बुनियादी सुविधाओं से महरूम गांववालों ने आखिरकार तंग आकर अपने खर्चे और मेहनत-मजदूरी करके यह टेम्पररी कच्चा नाला बना दिया। लेकिन, मानसून का मौसम शुरू होते ही उनकी परेशानियां कई गुना बढ़ गई हैं। सीमेंट की बोरियों का सहारा: नदी में पानी का लेवल बढ़ने से डर है कि यह कच्चा नाला कभी भी ओवरफ्लो हो सकता है। पानी का बहाव रोकने और रास्ता खुला रखने के लिए किसान सीमेंट की बोरियों में मिट्टी और बजरी भरकर किनारों पर रख रहे हैं ताकि कुछ समय के लिए मरम्मत की जा सके।
जान जोखिम में डालकर आना-जाना: मानसून के दौरान किसान और गांव वाले हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर इस कीचड़ और तेज़ बहते पानी से गुज़रने को मजबूर हैं।
500 बीघा ज़मीन और पुराने संगमेश्वर महादेव मंदिर से संपर्क टूटने का डर
गोजली गांव में एक पुराना श्री संगमेश्वर महादेव मंदिर है, जो आस्था का केंद्र है और पुराना है, जहां वडोदरा जिले भर से बड़ी संख्या में भक्त दादा के दर्शन करने आते हैं। इसके अलावा, गांव के किसानों के पास नदी के उस पार करीब 500 बीघा उपजाऊ ज़मीन है।
एकमात्र रास्ता: मंदिर जाने और खेतों में खाद, बीज, ट्रैक्टर या फसल लाने के लिए यही कच्चा नाला ही एकमात्र सहारा है। आर्थिक झटका: अगर बारिश के मौसम में यह नाला बंद हो गया, तो भक्तों का मंदिर से संपर्क टूट जाएगा और किसान खेतों तक नहीं पहुंच पाएंगे, जिससे खड़ी फसलों को भारी नुकसान होने की संभावना है।
प्रशासन के खिलाफ भयंकर गुस्सा: गांववालों और किसानों की ज़ोरदार मांग
विकास की बातों के बीच, बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहे गोजली गांव के सभी गांववालों और किसानों में प्रशासन के खिलाफ बहुत गुस्सा है। गांववालों ने एकमत से मांग की है कि:
- साइट का इंस्पेक्शन: तालुका पंचायत और ग्राम पंचायत के ज़िम्मेदार अधिकारी तुरंत साइट पर जाएं।
- पक्की नाली/पुली की मंज़ूरी: मानसून में कोई बड़ी जान-माल का नुकसान या हादसा होने से पहले यहां पक्की और मज़बूत नाली बनाने की मंज़ूरी दी जाए।
- परमानेंट सॉल्यूशन: इस समस्या का जल्द से जल्द परमानेंट सॉल्यूशन निकाला जाए।

