खाचरोद। खाचरोद तहसील के बड़ागांव में एक अनोखी और भावनात्मक घटना सामने आई है, पिता के थम नहीं रहे आंसु जिसकी पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है। परिजनों एवं ग्रामीणों के अनुसार, पाटीदार समाज की एक युवती स्वाति पाटीदार 28 जुलाई की रात को 3:00 बजे घर छोड़कर चली गई थी।
परिजनों का कहना है कि उन्होंने बेटी की पढ़ाई-लिखाई, परवरिश और बेहतर भविष्य के लिए वर्षों तक मेहनत की। लेकिन उसके इस निर्णय से परिवार को गहरा मानसिक आघात पहुंचा।
परिजनों के अनुसार, विवाह के बाद वे बेटी को समझाने और वापस घर लाने पहुंचे, लेकिन युवती ने उनके साथ आने से इनकार कर दिया। इस घटना के बाद परिवार ने सामाजिक परंपरा के तहत बेटी के जीवित रहते ही उसका प्रतीकात्मक गोरनी संस्कार आयोजित किया।
परिजनों का दावा है कि यह कार्यक्रम समाज के रीति-रिवाजों के अनुसार पूरी विधि-विधान से संपन्न कराया गया। कार्यक्रम में धार्मिक एवं सामाजिक रस्में निभाई गईं लड़की के भाई द्वारा फोटो को अग्नि दी गई और इसके उपरांत पाटीदार समाज के लोगों के लिए सामूहिक भोजन का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। एक ओर परिवार इसे अपनी भावनात्मक पीड़ा और सामाजिक परंपरा से जोड़कर देख रहा है, वहीं दूसरी ओर समाज में इसे लेकर अलग-अलग मत सामने आ रहे हैं। अधिकांश लोगों ने इस समाज के लिए एक अच्छी पहल बताया है की युवा भी समझे मां-बाप की प्यार को।
नागदा से संवाददाता जीवनलाल जैन की रिपोर्ट।

