सुरपगला व छापरी सरकारी स्कूल भवन भ्रष्टाचार की दास्तां बयां कर रहे
आबूरोड क्षेत्र के सुरपगला ग्राम में मुख्यमंत्री विद्यादान योजना के अन्तर्गत सुरपगला मे 2 करोड़ बीस लाख 56 हजार रुपए की लागत से बनने जा रहा स्कूल भवन तैयार होने से पहले ही भवन दम तोड़ देगा ऐसे नजारे देखने को मिल रहे हैं सुरपगला ग्राम स्कूल निर्माणधीन भवन का कार्य अभी तो प्रगति पर है लेकिन आरसीसी बीम (पिलर )खडे किए ही थे की बीम के जड़ में दरारे देखने को मिली है स्थानीय लोगों ने एक विडियो बना कर स्कूल निर्माण कार्य करने वाली कंस्ट्रक्शन कंपनी की पोल खोल के रख दी है विडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है हल्की सामग्री हल्की गुणवत्ता का इस्तेमाल होने की पोल खोल कर रख दी है विडियो वायरल होने के बाद जिला उच्च अधिकारियों द्वारा जांच जरूरी है गुणवत्ता में कमी पाई जाती हैं तो तत्कालीन कंस्ट्रक्शन कंपनी को ब्लेक लिस्ट करना चाहिए
स्कूल निर्माण कार्य का वायरल विडियो देखकर ग्रामीण बोले भगवान जाने कौनसी तकनीकी अपनाई जा रही है या फिर जहां विद्या भवन तैयार होने जा रहा है उस भूमि में भूत-प्रेत आत्माओं का आना जाना लगा रहता होगा इसलिए बिल्डिंग के बीम को हिला दिया होगा ये अपने बचाव मे मोनिटरिंग करने वाले साहब और कंस्ट्रक्शन ठेकेदार की मनगढ़ंत कहानी सुनने को मिल सकती है
थोड़ी शर्म करो सरकारी कमीशन खोरों
सरकारी तनख्वाह से पेट नहीं भरता इसलिए ये भ्रष्ट अधिकारियों ने भवन की हल्की सामग्री व गुणवत्ता देखें बिना मोनिटरिंग किए बिना ही मंजूरी दे रहें हैं ऐसे कमीशनखोरी की भेट चढ़ी बिल्डिंग मे क्या गारंटी है की वहा पढ़ने वाले मासूम बच्चे सुरक्षित रहेंगे भविष्य में बच्चों के साथ भविष्य में जान हानी की घटना होती है तो जिम्मेदार कौन होगा इस बात को नजरंदाज नहीं किया जा सकता है हमारी सरकार बच्चों को पढ़ाने के लिए पैसा खर्च करती है, और तमाम तरह की योजनाएं चलाकर उन्हें इस काबिल बनाती है, जिससे बच्चों का भविष्य उज्ज्वल हो सके. लेकिन बच्चों को पढ़ाने के लिये किये जा सके प्रयास उन तक पहुंचने से पहले ही कमीशनखोरी और लापरवाही के चलते पहले ही दम तोड़ रहे हैं. मामला आबूरोड के सूरपगला और छापरी चौकी करीब बन रहे स्कूल बिल्डिंग का है निर्माण कार्य मे हल्की सामग्री इस्तेमाल कर ताबड़तोड़ बिल्डिंग खड़ा करने की फिराक में लगे हैं छापरी स्कूल भवन में न तो कंक्रीट वाली ईटो का इस्तेमाल हुआ न फ्लाई ऐश केमीकल से बनी ईंटों का रेत और सीमेंट से बनी धुल जैसी ईंटों से स्कूल भवन की दिवाल खड़ी की गई है
ग्रामीणों ने लगाया आरोप
ग्रामीणों ने बताया कि, सुरपगला और छापरी स्कूल भवन निर्माण में प्रयोग की गई घटिया गुणवता सामग्री इस्तेमाल हुई है ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि भविष्य मे यहां पढ़ने वाले बच्चे कैसे सुरक्षित रहेंगे, वहीं ग्रामीणों ने मांग की है कि, स्कूल में बच्चों के लिए बन रहे इस भवन की गुणवत्ता की जांच होनी चाहिए, ताकि ऐसे कमीशन खोर विभागीय अधिकारियों की आड़ में भवन निर्माण का कार्य कर रहे ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई हो सके.

